Bareilly: 60 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके...वसूली एक भी अफसर से नहीं, हवा में उड़ाया आदेश
बरेली, अमृत विचार। गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है। विभाग ने भले ही सर्दियों में अनुरक्षण कार्य कर गर्मियों में बेहतर आपूर्ति के दावे किए थे, लेकिन हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। महज 20 दिनों में जिले में 60 से अधिक ट्रांसफार्मर ओवरलोड और ओवरहीटिंग के कारण फुंक चुके हैं। कॉर्पोरेशन अध्यक्ष के अफसरों से वसूली आदेशों को भी हवा में उड़ा दिया गया है।
दरअसल, पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली आपूर्ति में सुधार और सरकारी धन की बर्बादी रोकने के लिए ट्रांसफार्मर के दगने, फटने या जलने (क्षतिग्रस्त होने) पर उसकी मरम्मत का खर्च जिम्मेदार इंजीनियरों से वसूलने का निर्देश कॉर्पोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी डिस्कॉम के एमडी को दिए थे। इस आदेश के तहत अवर अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक की जवाबदेही तय की गई थी। वित्तीय वसूली के साथ-साथ जिम्मेदारों को नियम 10 के तहत कारण बताओ नोटिस भी जारी किए जाने का प्रावधान है।
आदेश के मुताबिक, ट्रांसफार्मर की क्षमता के आधार पर वसूली का प्रतिशत तय किया गया था। 10 से 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने पर जेई से 50 प्रतिशत, एसडीओ से 30 प्रतिशत और एक्सईएन से 20 प्रतिशत से वसूली का दावा किया गया था। लेकिन, जिले में 20 दिनों में करीब 60 ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद भी एक भी जेई या एसई से वसूली नहीं की गई।लगातार ट्रांसफार्मर फुंकने से कई मोहल्लों और गांवों में लंबे समय तक बिजली गुल रहती है। जिससे लोगों को भीषण गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।
