Moradabad: दिल का रखें ख्याल, हीट वेव से हो सकता खतरा, अस्पतालों में बढ़े बीपी और डिहाइड्रेशन के मरीज
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। कभी तेज धूप और उमस तो कभी अचानक बादल और बूंदाबांदी के बीच अब भीषण गर्मी और हीट वेव का खतरा और बढ़ने की चेतावनी दी जा रही है। बढ़ते तापमान के साथ जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बुखार, बेचैनी, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक एवं अपर निदेशक डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है, जिससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर दिल की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बीपी और हृदय संबंधी शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। कई मरीजों में लो ब्लड प्रेशर, चक्कर, कमजोरी और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
हीट स्ट्रोक भी जानलेवा, बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह के अनुसार हीट वेव से डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन व हीट एग्जाशन जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ने पर हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक पसीना, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी और दिल की तेज धड़कन शामिल है। गर्मी से बचाव के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ जैसे ओआरएस, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए, जिससे शरीर को सकून मिले।
दिल के मरीजों पर असर
- लो ब्लड प्रेशर के कारण चक्कर और बेहोशी की आशंका।
- तेज गर्मी से दिल की धड़कन बढ़ने पर दिल पर अतिरिक्त दबाव।
- एंजाइना या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
- कुछ दवाओं के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या।
इन लक्षणों पर डॉक्टर की जरूरत
- सीने में दर्द या भारीपन, उल्टी या तेज बुखार।
- अत्यधिक पसीना, तेज धड़कन, चक्कर आना या बेहोशी।
- सांस लेने में तकलीफ या लगातार कमजोरी।
ऐसे करें बचाव
- धूप और हीट वेव से बचाव करें।
- बाहर निकलते समय टोपी या छाते का प्रयोग करें।
- नमक, कैफीन और शराब का अधिक सेवन न करें।
- ज्यादा मेहनत वाले काम से बचें, बीच-बीच में आराम जरूरी।
