Gold Price Today: ईरान-अमेरिका तनाव का असर, सोने की कीमतों में गिरावट, देखें आज की रेट लिस्ट
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें 600 रुपये टूटकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को ठुकराने के बाद यह गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा ईरान की प्रतिक्रिया ठुकराने के बाद पश्चिम एशिया में फिर से संघर्ष शुरू होने का डर बढ़ गया और कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चली गई हैं।
देश की विदेशी मुद्रा को बचाने की कोशिश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील से भी सोने पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिसमें उन्होंने लोगों से एक साल के लिए गैर-ज़रूरी सोने की खरीदारी टालने का आग्रह किया था। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 600 रुपये टूटकर 1,55,300 रुपये (सभी टैक्स मिलाकर) रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। यह शुक्रवार के बंद भाव 1,55,900 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ''सोमवार को सोने पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि अमेरिका-ईरान बातचीत में आई नई रुकावटों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता को फिर से बढ़ा दिया।'' उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों द्वारा भेजे गए नवीनतम प्रस्तावों को ठुकराए जाने से लंबे समय तक संघर्ष चलने की चिंताएं फिर से बढ़ गईं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चली गईं और महंगाई की चिंताएं फिर से उभर आईं।
इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की आशंका और बढ़ गई है। हालांकि, चांदी की कीमतों में 3,700 रुपये या 1.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 2,65,000 रुपये (सभी टैक्स मिलाकर) प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछली सत्र में चांदी 2,61,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
लेमन मार्केट डेस्क के शोध विश्लेषक, गौरव गर्ग ने कहा कि चांदी में थोड़ी तेजी देखने को मिली, जिसे आने वाले शादी-विवाह के मौसम के बीच खुदरा मांग में स्थिरता से फायदा मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना एक प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,661.68 डॉलर प्रति औंस रह गया, और चांदी भी मामूली गिरावट के साथ 80.28 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, उपाध्यक्ष - (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, सोना थोड़ा कमजोर रहा, क्योंकि बाजारों ने अमेरिका-ईरान शांति प्रस्तावों से जुड़े नकारात्मक घटनाक्रमों पर सावधानी से प्रतिक्रिया दी। खबरों से पता चलता है कि शर्तों को फिर से खारिज कर दिया गया है और संघर्ष के फिर से बढ़ने का डर बढ़ रहा है।'' उन्होंने कहा कि इस अनिश्चितता ने वैश्विक जोखिम भावना पर दबाव बनाए रखा है, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजारों में एक बार फिर महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रही हैं।
