भारत-स्वीडन के बीच 6 बड़े समझौते, स्वीडन का सर्वाच्च सम्मान मिलने पर बोले पीएम मोदी -140 करोड़ भारतीयों का सम्मान, संबंधों को मिलेगी नयी ऊर्जा और गति
स्वीडन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और स्वीडन के बीच सुरक्षा, आर्थिक , प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित छह क्षेत्रों में हुए समझौतों और घोषणाओं से भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति मिलेगी। स्वीडन की यात्रा पर गये श्री मोदी ने रविवार देर रात स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जिसके बाद दोनों देशों ने छह क्षेत्रों में सहयोग की घोषणा और समझौते किये।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी। उन्होंने कहा,"ये समझौते भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।"
इन समझौतों और घोषणाओं के तहत दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों देश रणनीतिक संवाद करेंगे। उनके बीच अगली पीढी की आर्थिक साझेदारी होगी। प्रोद्योगिकी के क्षेत्र और लोगों के बीच सहयोग को बल मिलेगा । दोनों देशों ने भारत-स्वीडन संयुक्त नवाचार भागीदारी 2.0 शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
भारत और स्वीडन संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कॉरिडोर का विकास करेंगे। उन्होंने अगले पांच वषों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की है। स्टार्ट अप और नवाचार को बढावा देने के लिए उन्होंने भारत-स्वीडन एसएमई और स्टार्ट अप प्लेटफार्म के विकास की भी घोषणा की। दोनों देशों ने विकास भी विरासत श्रृंखला के तहत टैगोर-स्वीडन व्याख्यान भी शुरू करने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में भारत की सुधारोन्मुख विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवसंरचना, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान कर रही है।
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा," कल गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन (ईआरटी) को संबोधित करने का सम्मान प्राप्त हुआ। मेरे भाषण में भारत-यूरोप के बढ़ते सामंजस्य, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से खुलने वाले अवसरों, भारत की सुधार-प्रेरित विकास यात्रा तथा प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, अवसंरचना, गतिशीलता और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की गई।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा ," प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और मैंने कल शाम गोथेनबर्ग में स्वीडन के उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की। इस संवाद में महामहिम क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने भी भाग लिया। हमने भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की, विशेषकर भविष्य की प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में। मैंने भारत की सुधारोन्मुख विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवसंरचना, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान कर रही है।
पीएम मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता को बेहद सार्थक बताते हुए कहा है कि परस्पर बढते सहयोग को देखते हुए दोनों देशों ने संबंधों को रणनीति साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय किया है। मोदी ने उन्हेंं स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किये जाने को भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान करार दिया। पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन की दो दिन की यात्रा पर गये मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद रविवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ अत्यंत उत्कृष्ट वार्तालाप हुए। यह भी अत्यंत प्रसन्नता की बात रही कि युवराज्ञी विक्टोरिया ने भी बैठक में भाग लिया। उन्होंने स्वीडन के महाराज और महारानी की ओर से शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। उनके प्रति मेरा आभार।"
भारत- स्वीडन के संबंध रणनीतिक साझेदारी में बदले
उन्होंने कहा कि भारत और स्वीडन के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन के सिद्धांतों और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर आधारित हैं। सभी क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को देखते हुए, हमने अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान व्यापार, रक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयन से मुलाकात पर मोदी ने कहा ," गोथेनबर्ग में आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई, अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन। भारत-यूरोप संबंधों की प्रबल संभावनाओं पर, विशेषकर भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में, मैं आपसे पूर्णतः सहमत हूं।"
पीएम मोदी बोले -यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए
स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किये जाने पर उन्होंने कहा ," मुझे अभी ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किया गया है। यह केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए भी सम्मान है " प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्वीडन में हमारे उन सभी मित्रों को भी श्रद्धांजलि है जिन्होंने भारत और स्वीडन के संबंधों को सुदृढ़ किया और एक मजबूत आधार तैयार किया। हमारी दोनों राष्ट्रों के बीच मित्रता निरंतर प्रगाढ़ होती रहे।
प्रधानमंत्री मोदी को एक विशेष समारोह में, स्वीडन की युवराज्ञी विक्टोरिया ने 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया, जो स्वीडन के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जिसकी स्थापना 18वीं शताब्दी में हुई थी। यह सम्मान स्वीडन द्वारा विदेशी शासनाध्यक्षों को असाधारण लोकसेवा और स्वीडन के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने में योगदान के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। स्टरसन और श्री मोदी ने नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को रेखांकित करते हुए विशेष स्मारक उपहारों का आदान-प्रदान किया।
क्रिस्टरसन द्वारा दिए गए उपहार में एक बॉक्स शामिल था, जिसमें गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा हस्तलिखित दो नीति-वचनों (एपिग्राम) की प्रतिकृतियां, एक संक्षिप्त व्याख्यात्मक लेख और वर्ष 1921 में उप्साला विश्वविद्यालय की यात्रा के दौरान ली गई गुरुदेव टैगोर की एक तस्वीर थी। हाल ही में स्वीडिश राष्ट्रीय अभिलेखागार में खोजे गए ये मूल दस्तावेज, गुरुदेव टैगोर द्वारा वर्ष 1921 और 1926 में अपनी स्वीडन यात्राओं के दौरान तैयार किए गए थे। श्री मोदी ने श्री क्रिस्टरसन को रवींद्रनाथ टैगोर की संकलित रचनाओं का एक संग्रह भेंट किया, साथ ही शांतिनिकेतन का विशेष रूप से हस्तनिर्मित एक बैग भी प्रदान किया, जिस पर वे रूपांकन (मोटिफ्स) अंकित हैं जिन्हें गुरुदेव ने स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए चुना था।
प्रधानमंत्री ने गोथेनबर्ग में उद्योग के लिए यूरोपीय गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित किया। श्री क्रिस्टरसन, सुश्री वान डेर लेयेन, यूरोप के वरिष्ठ उद्योग जगत की हस्तियों तथा प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वोल्वो समूह द्वारा आयोजित इस संवाद में भाग लिया। श्री मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक सामंजस्य को रेखांकित किया और लगातार जटिल तथा अनिश्चित होते वैश्विक परिवेश में विश्वसनीय साझेदारियों के महत्व को उजागर किया। उन्होंंने स्वीडन की कंपनियों से भारत में महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान किया। श्री मोदी स्वीडन से यात्रा के चौथे पड़ाव में नावें जायेंगे।
