UP News: पीएम आवास योजना में बड़ा घपला, 2.72 करोड़ लेकर 136 लाभार्थी लापता
बदायूं, अमृत विचार। सरकारी योजनाओं में अफसरान के फर्जीवाड़ों के किस्से तो सुने होंगे आपने। मगर तमाम जुगत लगाकर इन योजनाओं का फायदा लेने वाले आपात्र लाभार्थियों के झोल भी कम नहीं। इसकी एक बानगी बदायूं में देखने को मिली। जहां प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ तो लिया गया, लेकिन मकान का निर्माण नहीं कराया। हैरानी की बात ये कि ऐसे लोगों के खिलाफ किसी कार्रवाई की पहल भी विभागीय अधिकारियों ने नहीं की है।
136 मामलों में गोलमाल की आशंका
दरअसल शहरी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की दो किस्त लेकर 136 लोगों ने आवास का अभी तक निर्माण नहीं कराया है। इतना ही नहीं किस्त की धनराशि लेकर दर्शाए गए पते से भी गायब हो गए। जिसकी जानकारी डूडा विभाग के अधिकारियों को भी है। लेकिन विभाग द्वारा इनकी खोजबीन नहीं की गई है। और न ही इन लोगों के खिलाफ धनराशि की रिकवरी करने की पहल हो सकी है। जिस पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों पर सवाल खड़े गए हैं।
पहली और दूसरी किस्त लेकर गायब
सरकार की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे गरीब तबके के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में पात्र लोगों को मकान बनाने के लिए 1.20 लाख और शहरी क्षेत्र में 2.50 लाख रुपए दिए जाते हैं। यह धनराशि पात्र लोगों को तीन किस्तों में दी जाती है। शहरी क्षेत्र में 136 ऐसे लाभार्थी हैं जिन्हें प्रथम और दूसरी किस्त के तहत दो लाख रुपए मिल चुके हैं। लेकिन लाभार्थियों के द्वारा आवास का निर्माण नहीं कराया।
दस्तावेज में दर्ज कराए गलत पते
डूडा विभाग ने नोटिस जारी करते हुए पहली और दूसरी किस्त लेकर गायब हुए लाभार्थियों की तलाश कराई। तलाशी के दौरान ये लोग दर्शाए गए पते पर नहीं मिले। यह सभी लोग प्रथम और दूसरी किस्त लेकर गुम हो गए। इनके द्वारा धनराशि का दुरुपयोग कर लिया गया। लेकिन अभी तक डूडा विभाग के द्वारा मकान बनाने के लिए मिली धनराशि को लेकर लापता हुए लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। जिससे धनराशि लेकर लापता हुए लोगों से रिकवरी की जा सके।
वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक के हैं लापता लोग
मकान बनाने के लिए धनराशि लेकर लापता हुआ 136 लोग वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक हैं। यह लाभार्थी पहली और दूसरी किस्त लेने के बाद गुम हो गए हैं। इनके द्वारा सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। परंतु इन लोगों से रिकवरी करने में विभाग रुचि नहीं दिखा रहा है।
17540 आवासों का निर्माण पूरा
डूडा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निकायों में आवास निर्माण कराने के लिए डूडा विभाग को मिले 17676 आवेदन सही पाए गए थे। इन सभी को आवास बनाने के लिए किस्तों के अनुसार धनराशि जारी की गई। इनमें से 136 को छोड़कर 17540 के द्वारा मकान का निर्माण करा लिया। लेकिन प्रथम और दूसरी किस्त मिलने के बाद 136 ने मकान निर्माण नहीं कराया। मकान का निर्माण न होने की दशा में विभाग द्वारा तीसरी किस्त जारी नहीं, उस पर रोक लगा दी। विभाग को जानकारी मिलने के बाद भी धनराशि वापस लेने के कोई प्रयास अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं।
जानिए क्या कह रहे डूडा के अधिकारी
डूडा की प्रभारी परियोजना अधिकारी अंजुम बी ने बताया कि अभी कार्यभार ग्रहण किया है। मुझे इसकी अधिक जानकारी नहीं है। अगर लाभार्थी पैसा लेकर बैठे हैं और उनके द्वारा मकान नहीं बनाया गया है तो उनसे रिकवरी होगी। डूडा विभाग के कर्मचारियों से मकान न बनाने वाले लोगों की सूची मांगी जाएगी। उसके बाद कार्रवाई होगी।
