यूपी में कहर बरपा रही गर्मी: अस्पतालों में डिहाइड्रेशन-हीट स्ट्रोक के मरीजों की भीड़, मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट
ओपीडी और इमरजेंसी में उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द व अनियंत्रित बीपी-शुगर के मरीजों में 20 फीसदी तक इजाफा
लखनऊ, अमृत विचार : भीषण गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अनियंत्रित बीपी और शुगर के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार एक सप्ताह में ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान, बलरामपुर अस्पताल, सिविल और लोकबंधु अस्पताल समेत शहर के अन्य अस्पतालों में ऐसे लक्षणों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीसी पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या सबसे अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा डायरिया, चिकनपॉक्स, टायफाइड, लू लगना और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के मामले भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए इमरजेंसी टीम को अलर्ट कर दिया गया है।
वहीं, बलरामपुर अस्पताल के ईएमओ डॉ. सर्वेश सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में रोजाना डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के आठ से दस मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने राहत की बात बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में फिलहाल मरीजों के बढ़ने की रफ्तार कम है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं और इमरजेंसी में भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट किया गया है।
बच्चे भी चपेट में आ रहे
तेज धूप और उमस से बेहाल बच्चे बीमार हो रहे हैं। नवजात से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चे डायरिया, डीहाईड्रेशन और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 50 फीसदी बच्चे शरीर में पानी कमी, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और बुखार के साथ पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में भारी संख्या में बच्चे बीमार होकर पहुंच रहे हैं। कुछ को भर्ती उपचार की जरूरत पड़ रही है। अस्पतालों में बच्चों के वार्ड में अधिकांश उल्टी, दस्त व बुखार के भर्ती हैं। डॉक्टर अभिभावकों को सलाह दे रहे हैं कि गर्मी में छोटे बच्चों की सेहत पर ध्यान दें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
- पेट में मरोड़
- लगातार उल्टी होना
- अत्यधिक मतली आना
- पेट में दर्द और सूजन होना
- शरीर में पानी की कमी होना
- बार-बार बुखार आना
- मल के साथ खून आना
- बदहजमी की शिकायत होना
- भूख में कमी आना
गर्मी में इन बातों का रखें ख्याल
- बाहर निकलने से पहले अच्छे से पानी पीकर निकले और खाना खाकर निकलें।
- धूप से बचने के लिए मुंह हाथ कवर करके चलें।
- गर्मियों में सूती कपड़े पहनें।
- रोजाना चार से पांच लीटर पानी जरूर पिएं।
- मौसमीय सब्जियों का सेवन करें।
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