यूपी पुलिस का रेडियो नेटवर्क होगा हाईटेक, सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बनेगा सेंट्रल डैशबोर्ड
-मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के दिए निर्देश -12 जिलों में शुरू होगी डिजिटल वायरलेस सेवा, 47 करोड़ की कार्ययोजना तैयार
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को पुलिस रेडियो विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की गोपनीय सूचनाओं और संचार सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सभी जरूरी तकनीकी सुधार तेजी से किए जाएं, ताकि पुलिस संचार व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बन सके।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 5जी फिल्टर, सेल्फ सपोर्टेड मास्ट और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने विभागीय ढांचे को मजबूत बनाने के लिए डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाए और सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट रखा जाए।
रिवर्स ऑक्शन से बचाए 1.23 करोड़ रुपये
बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष में पुलिस रेडियो विभाग ने संचार उपकरणों की खरीद में रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाई, जिससे लगभग 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई। इस दौरान थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट और अन्य उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए।
रेडियो कार्मिकों को मिलेगा हाईटेक प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस रेडियो विभाग के कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर संचालन और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले उनका तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों से सत्यापित कराने पर भी बैठक में चर्चा हुई।
