गाजियाबाद में 'बुलडोजर' एक्शन की तैयारी! सूर्या के हत्यारे असद के ठिकाने पर चस्पा हुआ नोटिस
गाजियाबादः उत्तर प्रदेश में अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ योगी सरकार का 'बुलडोजर मॉडल' रुकने का नाम नहीं ले रहा है। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन हुए सनसनीखेज सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी असद को एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है। लेकिन इंसाफ की गाड़ी यहीं नहीं रुकी। अब गाजियाबाद प्रशासन ने इस मामले में एक और बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी में जिस तीन मंजिला इमारत में एनकाउंटर में मारे गए शूटर असद का परिवार किराए पर रहता था, वो इमारत ही पूरी तरह अवैध है। जी हां, सरकारी जमीन पर कब्जा करके इस बिल्डिंग को खड़ा किया गया था।
रविवार को गाजियाबाद के नायब तहसीलदार और नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकरपुर की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। प्रशासन ने बाकायदा ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर से पूरे मोहल्ले में मुनादी कराई और बिल्डिंग के मालिक के नाम पर बेदखली का अल्टीमेटम नोटिस चस्पा कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व रिकॉर्ड की जांच में साफ हुआ है कि यह बिल्डिंग ग्राम खोड़ा के खसरा संख्या 70 की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2002 की धारा 136 के तहत कार्रवाई करते हुए, मकान मालिक को साफ तौर पर 15 दिन की मोहलत दी गई है। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि या तो 15 दिन के भीतर इस अवैध निर्माण को खुद हटा लें, वरना तय समय सीमा खत्म होते ही इस आलीशान इमारत को जमींदोज कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि इस बिल्डिंग में सिर्फ असद का परिवार ही नहीं, बल्कि कई अन्य परिवार भी किराए पर रह रहे थे। लेकिन प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब इस बिल्डिंग में रहने वाले सभी किराएदारों को जल्द से जल्द मकान खाली करना होगा। रविवार को जब ढोल-नगाड़ों के साथ पुलिस वहां पहुंची, तो मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सूर्या चौहान हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए इस अवैध संपत्ति का पता चला था और अब अपराधियों को शरण देने वाले या सरकारी जमीनों पर अवैध साम्राज्य खड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ठीक 15 दिन बाद यहां बाबा का बुलडोजर गरजने के लिए तैयार खड़ा है।
