Moradabad News: दिल्ली की तरह कभी भी 'अंगार' बन सकते हैं शहर के होटल ! बिना फायर NOC 30 चलते मिले
जिलाधिकारी के निर्देश के निरीक्षण, एनओसी नहीं मिलने पर होटल संचालकों को नोटिस जारी
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल के बेसमेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद जिले में अग्निशमन विभाग हरकत में आया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अग्निशमन विभाग की टीम ने कई बड़े होटलों में पहुंचकर अग्निशमन उपायों को चेक किया। जिसमें 30 बड़े होटल बिना अग्निशमन सुरक्षा प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) के संचालित पाए गए।
मुरादाबाद, अमृत विचार। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल के बेसमेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद जिले में अग्निशमन विभाग हरकत में आया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अग्निशमन विभाग की टीम ने कई बड़े होटलों में पहुंचकर अग्निशमन उपायों को चेक किया। जिसमें 30 बड़े होटल बिना अग्निशमन सुरक्षा प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) के संचालित पाए गए।
दिल्ली हादसे के बाद टूटी नींद
जिले में कई बड़े होटल व प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन सुरक्षा उपाय के संचालित हो रहे हैं। लेकिन अग्निशमन विभाग की ओर से सख्ती न होने से आए दिन अग्नि हादसे भी होते रहते हैं। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए होटल के बेसमेंट में हुए अग्नि हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद यहां भी सिस्टम की नींद खुली। आनन फानन में होटलों में पहुंच आग लगने पर बचाव के उपायों की जांच की गई। जिसमें 30 बड़े होटल मानकों पर खरे नहीं उतरे। अग्निशमन अधिकारी ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि कई होटलों की जांच में फायर एनओसी नहीं मिली है। उन्हें पहले भी नोटिस दिया गया था।
जानिए क्या बोले सीएफओ
वहीं मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए अग्नि हादसे के बाद जिले में होटलों की जांच कर अग्निसुरक्षा उपायों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन होटलों में फायर एनओसी नहीं मिली है, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब लेने के बाद कार्रवाई भी होगी। लापरवाही करने वालों पर सख्ती होगी। किसी के जान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
विभाग स्वीकार कर रहा -कई होटल मानकों पर खरे नहीं
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की मानें तो कई होटल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं हैं। कुछ होटल अत्यधिक पुराने हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे भवनों को फायर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें एनओसी जारी नहीं की जा सकती। विभाग के अनुसार ऐसे मामलों में भवनों का ध्वस्तीकरण ही एकमात्र विकल्प है। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में इन होटलों में ठहरने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडराता रहता है।
इन प्रमुख होटलों की हुई जांच
: होटल चावला
: न्यू गैलेक्सी होटल
: होटल राधिका
: होटल हिमालय बुध बाजार
: हाजी जी गेस्ट हाउस रेलवे स्टेशन रोड
: द रेस्टोरेंट रामपुर रोड
: बालाजी गेस्ट हाउस
: न्यू जनता होटल, रेलवे स्टेशन रोड
: होटल मल्लिका, रेलवे स्टेशन रोड
: होटल मिटाउन प्राइम कांठ रोड
: होटल अरोमा इन दिल्ली रोड
: रॉयल गेस्ट हाउस भीकनपुर कांठ रोड
: होटल मिलन पैलेस, दिल्ली रोड
: प्रेम चुनरिया होटल बुध बाजार
: प्रतीक्षा होटल, जीएमडी रोड
