यूपी के 17 जिलों में लगेंगे 112 नए मोबाइल टावर, सुदूर गांवों को नेटवर्क से जोड़ने के लिए मुफ्त जमीन देगी योगी सरकार
-शासनादेश जारी, प्रदेश के 17 जिलों में 4जी सेवाओं के विस्तार को हरी झंडी -प्रत्येक टावर के लिए 200 वर्गमीटर ग्राम सभा भूमि निःशुल्क देंगे जिलाधिकारी -तीन वर्ष में उपयोग न होने पर भूमि आवंटन स्वतः समाप्त माना जाएगा
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश के सुदूर और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 4जी मोबाइल सेवाओं के विस्तार के लिए 112 नए चिन्हित स्थलों पर ग्राम सभा की भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को शासनादेश जारी किया है। शासनादेश के अनुसार बीएसएनएल को प्रत्येक मोबाइल टावर के लिए 200 वर्गमीटर (20 मीटर × 10 मीटर) भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था केंद्र सरकार की 4जी सैचुरेशन परियोजना के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य ऐसे गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना है जहां अभी भी कनेक्टिविटी सीमित है या उपलब्ध नहीं है।
सरकार ने महाराजगंज, महोबा, झांसी, ललितपुर, जालौन, कानपुर देहात, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, बहराइच, बलरामपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, खीरी, श्रावस्ती, इटावा और पीलीभीत समेत 17 जिलों में चिन्हित स्थानों पर भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल टावरों के लिए केवल अनारक्षित श्रेणी की भूमि, जैसे नवीन परती, ऊसर अथवा बंजर भूमि, ही उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम सभा भूमि का स्वामित्व यथावत रहेगा और बीएसएनएल को केवल उपयोग का अधिकार दिया जाएगा। यदि भूमि हस्तांतरण के तीन वर्ष के भीतर उसका उपयोग नहीं किया जाता है तो आवंटन स्वतः समाप्त माना जाएगा। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि टावर स्थलों पर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नियमानुसार सुनिश्चित कराई जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर 4जी सेवाएं शुरू की जा सकें।
प्रमुख तथ्य
• कुल नए मोबाइल टावर स्थल : 112
• प्रत्येक स्थल पर भूमि : 200 वर्गमीटर
• प्रभावित जिले : 17
• उद्देश्य : दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में 4जी मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार
• एजेंसी : भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल)
