ट्रंप ने PM मोदी को बताया अच्छा दोस्त, बोले- 'जल्द होगी डील, लेकिन पहले....'
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों पर एक बड़ा और सकारात्मक बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके बेहद अच्छे मित्र हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि अमेरिका तथा भारत के बीच जल्द ही व्यापार समझौता (ट्रेड डील) संपन्न हो जाएगा।
व्हाइट हाउस के 'ओवल ऑफिस' में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम समझौते तक पहुंच जाएंगे क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करता हूं। वह मेरे अच्छे मित्र हैं। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं और हम एक बेहतरीन समझौता करने जा रहे हैं।"
'भारत ने अतीत में लगाया भारी शुल्क'- ट्रंप
दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ताओं पर बात करते हुए ट्रंप ने पुरानी नीतियों पर असंतोष भी जताया। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्षों तक अमेरिकी नीतियों का लाभ उठाया और अमेरिकी कंपनियों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाया। ट्रंप के मुताबिक, "उन्होंने हमारी कंपनियों पर बहुत अधिक टैक्स लगाया, जबकि हमने उनकी कंपनियों पर कुछ भी शुल्क नहीं लगाया था। उदाहरण के लिए, प्रतिष्ठित अमेरिकी कंपनी 'हार्ले-डेविडसन' पर पहले 200% शुल्क लगाया गया था, जिससे उनका कारोबार बाधित हुआ और उन्हें भारत में ही प्लांट लगाना पड़ा। हालांकि, यह मेरे कार्यकाल से पहले की बात है।"
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोबारा बातचीत शुरू
गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर गया था, जहां दोनों देशों के बीच अंतरिम द्विपक्षीय समझौते को लेकर चार दिनों तक गहन चर्चा हुई। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह वार्ता बेहद सकारात्मक और व्यावहारिक रही।
इससे पहले 7 फरवरी को पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार हुई थी, जिसमें अमेरिका ने भारत पर लगाए गए शुल्क को 50% से घटाकर 18% करने और रूस से तेल खरीदने के कारण लगे 25% अतिरिक्त शुल्क को हटाने पर सहमति जताई थी।
हालांकि, 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 'अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्ति अधिनियम' (IEEPA) के तहत ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक पारस्परिक शुल्क के खिलाफ फैसला सुना दिया। इसके बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10% शुल्क लगाने की घोषणा की थी। सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले और बदले घटनाक्रमों के बाद, अब भारत और अमेरिका इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नए सिरे से बातचीत कर रहे हैं।
