यूपी के सरकारी स्कूलों में 'डिजिटल क्रांति': अब डिजिटल गुरु बनेंगे शिक्षक, सीखेंगे स्मार्ट टीचिंग के नए मंत्र, दीक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू

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Published By Muskan Dixit
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प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक के शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण के लिए किया जाएगा तैयार

पीलीभीत, अमृत विचार : सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को और प्रभावी व आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब शिक्षक भी डिजिटल दौर के अनुरूप खुद को अपडेट करेंगे। केंद्र और प्रदेश सरकार की पहल पर शुरू किए गए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल उपकरणों के उपयोग और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए दीक्षा पोर्टल पर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पीलीभीत के 1500 से अधिक स्कूलों को मिलेगा लाभ

जिले में 1508 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 291 कंपोजिट, 928 प्राथमिक, 280 उच्च प्राथमिक और नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक करीब 1.76 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। मिशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के बाद अब सरकार का फोकस शिक्षकों की दक्षता और डिजिटल कौशल को बढ़ाने पर है। अब जिले के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अब ऑनलाइन हाईटेक प्रशिक्षण के जरिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की बारीकियां सीखेंगे। इसको लेकर शासन की ओर से राष्ट्रीय पहल निष्ठा (नेशनल इनिशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट) कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत शिक्षकों का ऑनलाइन नामांकन 21 मई से शुरू हो चुका है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है, जबकि सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 सितंबर तक पूरे कराए जाएंगे। 

निष्ठा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को नई शिक्षा नीति-2020, बाल-केंद्रित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, समावेशी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग टूल्स, मूल्यांकन तकनीक, साइबर सुरक्षा और तकनीक के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से दीक्षा पोर्टल पर संचालित होगा। बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि तकनीक और आधुनिक शिक्षण विधियों में दक्ष शिक्षक विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के शैक्षिक परिणामों में सुधार आने की उम्मीद है।

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