Cockroach Janta Party Protest : जंतर-मंतर पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके बोले, "डर की राजनीति से अब युवा डरने वाले नहीं"
"आप हमारी सोशल मीडिया पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें नहीं', कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय, संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें नहीं।
अमृत विचार : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि, इस देश के युवा अब डर की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, "अमेरिका जाते वक्त मेरी मां खूब रोई थीं। लेकिन अब, जब मैं अमेरिका से अपने घर-भारत वापस आ रहा था, तो मेरी उससे भी ज्यादा रो रही थीं। इस डर के साथ कि घर लौटने पर मुझे जेल में डाल दिया जाएगा। यह डर मेरी मां का अकेले का नहीं है, बल्कि देश के हर उस छात्र-युवा की मां का है, जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं। आखिर कब तक हम डर के जिएंगे। इनको बता दीजिए कि अब हम इनकी डर की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं।"
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। सीजेपी की मांगों में परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना शामिल है।
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को इस ऑनलाइन संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत ने कहा, ''मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है। सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है लेकिन ये लोग कार्रवाई करने के बजाय दूसरे कामों में लगे हैं। हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट डिलीट करवाना। आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते।''
जेल के डर से समझौता कर लिया
'' सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है और 'खुद को बेच दिया' है। भीड़ की जोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, ''लेकिन इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है।'' प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए जिनमें अधिकतर युवा हैं। इनमें से कई लोग कॉकरोच का मुखौटे पहने नजर आए और उनके हाथों में फूल थे।
सोनम वांगुचक का समर्थन
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे। शनिवार को वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हुए। इस प्रदर्शन के जरिये सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सहित विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रहा है।
अभिजीत की बिगड़ी तबीयत
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
लेफ्ट संगठनों का भी समर्थन
पेपर लीक के मुद्दे पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को लेफ्ट संगठनों का भी समर्थन रहा। सीपीआईएमल लिबरेशन के
महासचिव दीपांक भट्टाचार्य, पार्टी नेताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा लेफ्ट के दूसरे संगठनों के समर्थक और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में नजर आए।
