Bareilly : आंधी के आगे बेबस बरेली... 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाएं, पूरे शहर की बिजली ठप

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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शहर में कई जगह पेड़, बिजली के खंभे और यूनिपोल गिरे , पूरे शहर में बिजली गुल

बरेली, अमृत विचार। सूरज की तीखी तपिश और भीषण उमस ने बुधवार को लोगों को बेहाल कर दिया। शाम होते ही मौसम करवट लेने लगा। रात करीब साढ़े दास बजे तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। करीब 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी और तूफान ने जमकर उत्पात मचाया। कई जगह पेड़ धराशायी हो गए। बिजली के खंभे गिर गए जिससे पूरेर शहर में बिजली गुल हो गई वहीं हाईवे पर यूनीपोल गिरने से यातायात वाधित हो गया।

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इस तेज आंधी-बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में भारी नुकसान और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डेलापीर रोड पर एक विशालकाय यूनिपोल सड़क पर गिर गया। एक कार सवार उसकी चपेट में आने से बचा। सड़क पर वाहनों की कतारें लग गईं। कुछ ऐसा ही नजारा पीलीभीत बाईपास रोड पर भी देखने को मिला, जहां यूनिपोल के साथ-साथ कई बिजली के खंभे ढह गए।

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आंधी-बारिश का असर सिर्फ मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंदरूनी इलाकों में भी पेड़ और होर्डिंग्स गिरने की खबरें आईं। तेज हवाओं के कारण बिजली के तार टूटने और ट्रांसफार्मर में खराबी आने से पूरा शहर अंधेरे में डूब गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें देर रात तक आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटी रहीं, लेकिन तूफान की तीव्रता के आगे व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं।

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मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए हाई अलर्ट जारी किया

बुधवार रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने ऐसा करवट बदली कि पूरा शहर इसकी चपेट में आ गया। तेज गर्जना, मूसलाधार बारिश और करीब 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। पेड़ और होर्डिंग गिरने से दहशत का माहौल बन गया। आंधी के दौरान जोगी नवादा क्षेत्र में 11 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया, जबकि गांधी उद्यान से सेटेलाइट मार्ग पर एक बड़ी शाखा बिजली तारों पर आ गिरी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ऐसी स्थिति में आपूर्ति जारी रखना जोखिम भरा था।

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33 केवी वर्टिकल के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि देर रात 11:30 बजे तक बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के कारण उपकेंद्रों को बंद रखा गया। मौसम सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू किया गया। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि कई स्थानों पर पेड़ गिरने और लाइनों को संभावित नुकसान की आशंका के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है। विभाग की टीमें पूरी रात फील्ड में रहकर फाल्ट खोजने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।

27 बिजली उपकेंद्र एहतियातन बंद

बिजली विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए शहर के सभी 27 विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद कर दी। इसके चलते सिविल लाइंस प्रथम, द्वितीय और तृतीय, सदर कैंट, कुतुबखाना, मिशन कंपाउंड, रामपुर बाग, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, लोहिया विहार, किला, सीबीगंज, परसाखेड़ा, इज्जतनगर, शहदाना, डेलापीर, कोहाड़ापीर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, हरूनगला, महानगर, पवन विहार, सनसिटी, दुर्गानगर और जगतपुर समेत पूरा शहर अंधेरे में डूब गया।

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