Kanpur News : कानपुर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत मॉक ड्रिल

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर नगर। संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का आकलन करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनपद कानपुर नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ आपदा संबंधी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से प्रदेश के बाढ़ संवेदनशील जनपदों में आयोजित की जा रही मॉक एक्सरसाइज के तहत संपन्न हुआ।

जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कानपुर नगर जितेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर इन्सिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय करते हुए सभी संबंधित विभागों को अपने संसाधनों एवं कार्मिकों सहित 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपदा की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में तहसील बिल्हौर एवं घाटमपुर में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का व्यापक पूर्वाभ्यास कराया गया।

मॉक ड्रिल की शुरुआत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से प्राप्त एक अलर्ट संदेश के साथ हुई। इस संदेश में अतिवृष्टि तथा गंगा एवं यमुना नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण तहसील बिल्हौर और घाटमपुर के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की काल्पनिक सूचना दी गई।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा नोडल अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से संपूर्ण अभियान का संचालन किया। उनके निर्देशन में प्रथम घटना स्थल ग्राम नानामऊ (तहसील बिल्हौर) में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षित निकासी और राहत शिविर संचालन तथा द्वितीय घटना स्थल ग्राम गडाथा (तहसील घाटमपुर) स्थित बाढ़ राहत शिविर के कम्युनिटी किचन में आग लगने की काल्पनिक घटना पर राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया। उ

प जिलाधिकारी बिल्हौर मनीष कुमार के नेतृत्व में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी मिलने के बाद ग्राम नानामऊ के निवासियों को राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड, पंचायतीराज विभाग तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित ग्रामीणों को बाबा रघुनन्दन दास इंटर कॉलेज, बिल्हौर में स्थापित राहत शिविर में ठहराया गया। शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस सेवा तथा पशुओं के उपचार की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया।

अधिकारियों ने राहत शिविरों के संचालन और आपदा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उप जिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्राम गडाथा स्थित नत्थूराम इंटर कॉलेज में संचालित बाढ़ राहत शिविर के कम्युनिटी किचन में आग लगने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, होमगार्ड, आपदा मित्र, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए आग पर शीघ्र नियंत्रण पाया तथा सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

अभ्यास के दौरान एक वृद्ध व्यक्ति के घायल होने की स्थिति भी प्रदर्शित की गई। चिकित्सकीय टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया, जिसके बाद घायल को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान ग्रामीणों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित निकासी प्रक्रियाओं और बचाव उपायों के प्रति जागरूक भी किया गया। मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पंचायतीराज विभाग, आपदा मित्रों तथा स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।

विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की तैयारियों का मूल्यांकन करना तथा संबंधित विभागों की कार्यकुशलता को और बेहतर बनाना था। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई कर जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। 

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