एनआरएलएम में दोहरे मापदंड का खेल! पुरुष बुक कीपर हटाने के दावों की खुली पोल, बैठक में रजिस्टर लिखते दिखे दीपक मिश्रा

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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जिला मिशन प्रबंधक ने गाइडलाइन का हवाला देकर पुरुष बुक कीपरों को हटाने की कही थी बात

टीएन अवस्थी लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में नियमों और गाइडलाइन को लेकर अधिकारियों के दावों की सच्चाई अब सवालों के घेरे में नजर आ रही है। करीब पखवाड़े भर पहले विकासखंड निघासन के बेलरायां क्लस्टर में तैनात पुरुष बुक कीपरों को हटाए जाने का दावा करने वाले जिला मिशन प्रबंधक सुरजन वर्मा की बातों की पोल अब एक वायरल तस्वीर ने खोल दी है।

जिला मिशन प्रबंधक ने उस समय साफ कहा था कि एनआरएलएम की गाइडलाइन के अनुसार ग्राम संगठनों में केवल महिलाओं को ही बुक कीपर अथवा अन्य जिम्मेदारियों में रखा जा सकता है, पुरुषों की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी माना था कि शुरुआती दौर में पढ़ी-लिखी महिलाओं की कमी के कारण पुरुषों को रखा गया था, लेकिन अब उन्हें हटाया जा रहा है, लेकिन इन दावों के ठीक उलट ग्राम पंचायत कड़िया के ग्राम संगठन की 11 जून को हुई बैठक की तस्वीर सामने आने के बाद पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल हो रही तस्वीर में बुक कीपर दीपक बैठक के रजिस्टर में कार्रवाई लिखते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि आखिर जब पुरुष बुक कीपरों को हटाया जा चुका था तो फिर वे बैठक की कार्यवाही कैसे लिख रहे थे? इस घटनाक्रम ने न केवल जिला मिशन प्रबंधक के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि एनआरएलएम से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी संदेह पैदा कर दिया है।

लोगों का कहना है कि यदि गाइडलाइन का पालन वास्तव में किया गया होता तो बैठक में किसी पुरुष बुक कीपर की मौजूदगी और उसकी सक्रिय भूमिका दिखाई नहीं देती और बेलरायां क्लस्टर में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता भी नहीं होती। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अधिकारियों ने सिर्फ कागजों पर कार्रवाई दिखाकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की? यदि पुरुष बुक कीपर अभी भी कार्य कर रहे हैं तो फिर गाइडलाइन का हवाला देकर उन्हें हटाने का दावा क्यों किया गया? और यदि उन्हें हटा दिया गया है, तो बैठक की कार्यवाही लिखने की जिम्मेदारी उन्हें किसके आदेश पर दी गई?

वायरल तस्वीर के बाद एनआरएलएम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन और मिशन के उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हैं या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

सीएलएफ का खाता होल्ड करने की उठी मांग 
लखीमपुर खीरी। करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता और हेराफेरी से घिरे एनआरएलएम के तहत निघासन विकासखंड के बेलरायां क्लस्टर के पदाधिकारियों के वित्तीय अधिकार सीज करने और बैंक खातों को होल्ड करने की मांग ने जोर पकड़ा है। ग्राम संगठनों की महिलाओं ने जांच पूरी न होने तक खाते को होल्ड करने की मांग की है। ग्राम संगठनों की महिलाओं ने बताया कि सीएलएफ की कुछ पदाधिकारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं की हैं। लाखों रुपये नियम विरुद्ध तरीके से अपने खातों में भी ट्रांसफर किए हैं और अपने चेहते कुछ ग्राम संगठनों में एक साथ लाखों रुपये की रकम भेजी गई। इस रुपये को बिजनेश में न लगाकर अपने निजी कार्यों में खर्च कर लिया गया। इसकी शिकायत होने के बाद प्रकरण की जांच चल रही है।

डीसी एनआरएलएम के आदेश पर बुक कीपरों को हटाए गए हैं। मिशन की गाइडलाइन के अनुसार पुरुष नहीं रह सकते हैं। कड़िया में बुककीपर के काम करने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - सुरजन सिंह जिला मिशन प्रबंधक लखीमपुर खीरी।

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