Bareilly : रोबोटिक्स बूटकैंप बना तकनीकी नवाचार का केंद्र
कक्षा 9 से बीटेक, एमबीबीएस और फार्मा के छात्र कैंप में पहुंचे
बरेली, अमृत विचार। सिर्फ इंजीनियर बनने की चाह रखने वाले छात्र ही नहीं बल्कि मेडिकल और फार्मेसी के स्टूडेंट्स भी उपयोगी उपकरण विकसित करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके लिए महात्मा ज्योतिबाफुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहा साइंस इन एक्शन रोबोटिक्स बूटकैंप तकनीकी नवाचार का जंक्शन साबित हो रहा है। विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एफईटी) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से समर आउटरीच प्रोग्राम में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के अलावा पॉलिटेक्निक, बीएससी, बीटेक और एमबीबीएस, बीफार्मा के स्टूडेंट्स भी पहुंच रहे हैं।
कैंप में उन्हें रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेंसर तकनीक और प्रोग्रामिंग के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा प्रेजेंटेशन स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल्स, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान कौशल निखारने की ट्रेनिंग दी जा रही है। दिल्ली में बी फार्मा की पढ़ाई कर रही छात्रा एकसप्रीत कौर ने बताया कि छुट्टियों में घर आई है। कैंप के बारे में पता चला तो यहां चली आई। वह बताती हैं कि सेंसर आधारित स्मार्ट तकनीक बेहद खास लगी। दवाओं के फॉर्मेशन के दौरान तापमान कई बार डिटेक्ट नहीं किया जा सकता, मगर ये तकनीक निश्चित सीमा पर तापमान को डिटेक्ट कर नियंत्रित करने में मदद करेगी।
विवि में छात्र बने बच्चों के मेंटर
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और कार्यशाला समन्वयक इंद्रप्रीत कौर ने बताया कि विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र आश्मित वर्मा, बिलाल खान, नितीश महौर एवं हरकीरत सिंह मेंटर के रूप में बच्चों को सिखा रहे हैं। बच्चों ने अब तक इलेक्ट्रॉनिक्स में एलईडी ब्लिंक, ट्रैफिक लाइट विद टाइम डिले, रिएक्शन टाइमर, सेंसर आधारित स्मार्ट तकनीक में टचलेस अलार्म, डिस्टेंस डिटेक्टर, डिजिटल टेंपरेचर, आद्रता मॉनिटर आदि के बारे में सीखा।
