मनकामेश्वर मंदिर में धूल फांक रही शिवभभूत बनाने वाली मशीन, बंद हुआ काम
CSIR-NBRI ने दी थी पर लागत न निकल पाने के कारण संयत्र को बंद करना पड़ा
मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ,अमृत विचार: अयोध्या के हनुमान गढ़ी के फूलों से सुगंधित धूप, अगरबत्ती बनाई जानी थी तो लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में चढ़ने वाले फूलों से शिवभभूत का निर्माण किया जाना था। जिसके लिए संयत्र सीएसआईआर-एनबीआरआई ने निशुल्क प्रदान किया था। लेकिन कुछ दिनों तक चलने के बाद यह संयत्र बंद करना पड़ा है। जबकि नियमित रूप से बड़ी तादात में मंदिर से फूल, पत्ते और बेलपत्र आदि निकल रहा है जिसका निस्तारण पूर्व की भांति होने लगा है। पिछले जनवरी माह में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला के दौरान मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों और बेलपत्र से शिवभभूत बनाने की तकनीक का हस्तांतरण किया था।
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जनवरी के अंत में सीएसआईआर की महानिदेशक व केंद्र सरकार के डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी की उपस्थिति में मनकामेश्वर मंदिर को यह संयत्र भेंट किया गया था। मंदिर की ओर से करीब 5-6 लाख रुपए व्यय करके संयत्र को लगाने के लिए स्थान बनाया गया था। साथ ही मंदिर परिसर में ही शिवभभूत की बिक्री के लिए काउंटर भी बनाया गया था। कुछ दिनों तक इस संयत्र ने काम किया और सुगंधित शिवभभूत प्रति पैकेट 10 रुपए में बिक्री की गई। लेकिन अब इसे बंद करना पड़ा है।
शिवभभूत संयत्र काशी विश्वनाथ में भी है चालू
मंदिर में चढ़ने वाले पुष्पों से शिवभभूत का निर्माण काशी विश्वनाथ में भी किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में यह लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में भी स्थापित किया गया था। जो अब बंद पड़ा है।
संयत्र को चलाने में आ रही कठिनाई
शिवभभूत निर्माण करने के संयत्र को बिजली और गैस से संचालित किया जाता है। पुष्पों के निस्तारण कर भभूत बनाने की प्रक्रिया में 4 से 5 घंटे का समय लगता है। जिसके लिए रसोई गैस सिलेंडर, बिजली, पानी और कम से कम दो लोगों की आवश्यक्ता होती है। जिसकी लागत और कर्मचारी का वेतन संयत्र से नहीं निकल पा रहा है।
फ्री में भभूत लेना चाहते हैं लोग
मंदिर प्रांगण में बने काउंटर पर शिवभभूत की कीमत एक पैकैट महज 10 रुपए निर्धारित है। लेकिन लोग इसे मुफ्त में ही लेना चाहते हैं। जिसके कारण कम बिक्री के कारण लागत निकलने में दिक्कते आ रही हैं।
किसान मेले में इन तकनीकों का हुआ था स्थानांतरण
-निकोटिन मुक्त सिगरेट तैयार कर रहा है सीएस
-बेलपत्र से एंटी एजिंग फेस क्रीम का निर्माण
-फूलों से सुगंधित इत्र, धूप और अगरबत्ती का निर्माण
-रूम फ्रेशनर तकनीक का हस्तांतरण
-जैव-सक्रिय फफूंदनाशी फॉर्मूलेशन का हस्तांतरण।
-मेघालय बेसिन विकास प्राधिकरण को मिट्टी के स्वास्थ्य को बहाल करने की तकनीक
हमारा प्रयास है कि शीघ्र ही इसे चालू किया जाए। प्रशिक्षित व्यक्ति ही इसे चला सकते हैं। हमारा प्रयास है कि भक्त यदि इसे निशुल्क प्राप्त करना चाहते हैं तो उसे निशुल्क ही दिया जाए। यदि कोई स्वेच्छा से शुल्क देते हैं तो स्वीकार किया जाएगा।
-महंत दिव्यागिरी जी, मनकामेश्वर मंदिर
