पारा 43 डिग्री, तपिश और उमस से बेहाल हुए लोग, जानिए अपने शहर के तापमान का हाल और मौसम विभाग की चेतावनी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ/अयोध्या: उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अभी भी सीमित बनी हुई हैं, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर में बादल छा गए। इसके बाद भी दिन भर तपिश बरकरार रही और बादलों के बीच भी लोगों को तीखी धूप का अहसास हुआ। हालांकि तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बादलों के कारण हुई उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहद परेशान किया। हालात यह थे कि घरों में पंखे भी काम नहीं कर रहे थे और लोग केवल एसी और कूलर के जरिए ही गर्मी से राहत पा सके।

गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 39.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक यानी 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है और तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

पश्चिमी यूपी में मौसम रहेगा शुष्क

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर लू तथा कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की आशंका है। राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। यहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

प्रयागराज रहा प्रदेश का सबसे गर्म शहर

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। प्रयागराज 43.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश के सर्वाधिक गर्म शहरों में शामिल रहा। 

सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक रहा पारा

इसके अलावा अन्य शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:

सुल्तानपुर: 42.9 डिग्री सेल्सियस

लखीमपुर खीरी: 42.4 डिग्री सेल्सियस

बलिया: 42.3 डिग्री सेल्सियस

फतेहपुर: 42.3 डिग्री सेल्सियस

वाराणसी (बीएचयू): 42.2 डिग्री सेल्सियस

प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है। शहर में दिनभर गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहा तथा वर्षा नहीं हुई।

 

पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू और बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने तक गर्मी और लू से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर तापमान में मामूली गिरावट ला सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी और कृषि परामर्श के लिए मौसम विभाग के मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने को कहा गया है।

 

रामनगरी अयोध्या में तेज धूप व उमस से लोग बेहाल

रामनगरी अयोध्या भी इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तेज धूप और उमस से लोग बेहाल हैं। यहाँ दिन का तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा है, जबकि रातें भी काफी गर्म दर्ज हो रही हैं। इस भीषण गर्मी के चलते सुबह नौ बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।

 

मंदिरों में घटी श्रद्धालुओं की संख्या

इसका असर धार्मिक स्थलों पर भी दिख रहा है; राम मंदिर, हनुमान गढ़ी और अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या पहले से घटी हुई है।

एम्फीथिएटर में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रोजेक्शन शो

आचार्य नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा है। हवा में नमी के कारण उमस बढ़ने से गर्मी और असहनीय हो गई है। उन्होंने बताया कि इस समय पूर्वी हवाएं चलनी चाहिए थीं, लेकिन गर्म पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। हालांकि, दो-तीन दिनों में मौसम बदलने की संभावना है, लेकिन फिलहाल अभी औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने व लू जैसी स्थितियां बनी रहने की उम्मीद है।

भीषण गर्मी के बीच बढ़े कंजक्टिवाइटिस व एलर्जी के मरीज 

प्रचंड गर्मी और उमस भरे मौसम ने लोगों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ा दी हैं। खास तौर पर आँखों को लेकर लोगों को काफी सजग रहने की आवश्यकता है। इन दिनों कंजक्टिवाइटिस (लाल आंख) और एलर्जी संबंधी शिकायतें तेजी से बढ़ गई हैं। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज का नेत्र रोग विभाग इस बात की तस्दीक करता है, जहाँ की ओपीडी में हर रोज करीब 40 प्रतिशत मरीज इसी समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि बढ़ते तापमान, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण यह समस्या तेजी से फैल रही है।

मेडिकल कॉलेज में जुटी भीड़

नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज बरनवाल ने बताया कि इस मौसम में आंखों के संक्रमण और एलर्जी की शिकायतें बहुत बढ़ गई हैं। ओपीडी में आ रहे ज्यादातर मरीजों में आंखों में लाली, खुजली, जलन और पानी आना प्रमुख लक्षण दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि कंजक्टिवाइटिस और एलर्जी के आम लक्षणों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

आंखों का लाल होना और सूजन।

तेज खुजली होना और लगातार पानी बहना।

रोशनी से परेशानी होना।

आंखों से चिपचिपा या पानी जैसा पदार्थ निकलना और सुबह उठते ही पलकें चिपक जाना।

गंभीर मामलों में दृष्टि धुंधली होना या आंखों में तेज दर्द होना।

यह समस्या बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशान कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि यह समस्या एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकती है। गर्म हवा, धूल और पसीने के कारण बैक्टीरिया व वायरस आसानी से सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से विशेष अपील की है कि वे आँखों की समस्या होने पर स्वयं डॉक्टर न बनें और बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा न लें।

स्वास्थ्य रक्षा के लिए लोग इन बातों का विशेष ख्याल रखें

आँखों को बार-बार हाथ से छूने या रगड़ने से बचें।

धूप में बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का धूप का चश्मा (Sunglasses) लगाएं।

घर में उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए नम कपड़े से फर्श को पोछें।

एसी या कूलर का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करें, ताकि शरीर का तापमान अचानक न बदले।

आँखों में किसी भी प्रकार की ड्रॉप या दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल न डालें।

ये भी पढ़ें  : 
देवरिया पहुंचे सीएम योगी, 106 परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

संबंधित समाचार