सिर्फ 1% बातचीत बाकी .... राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान, अंतिम चरण में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर आई है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने बेहद भरोसा जताते हुए कहा कि इस जटिल और महत्वपूर्ण डील का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और अब बातचीत का महज अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा ही बाकी रह गया है।
यूरोप को लगे थे 20 साल, हमने 18 महीने में कर दिखाया
'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट' (USISPF) को संबोधित करते हुए राजदूत सर्जियो गोर ने इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह डील दोनों ही देशों की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
समझौते में लग रहे समय पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा,
"लोग अक्सर पूछते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल (18 महीने) से इस पर लगातार काम कर रहे हैं। अगर आप तुलना करें, तो यूरोप के साथ व्यापार समझौते को पूरा होने में 20 वर्ष का लंबा समय लग गया था। उस लिहाज से हम बेहद मजबूत और अच्छी स्थिति में हैं और मैं इसे बहुत जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"
ट्रंप और मोदी का 'पर्सनल बॉन्ड' दोनों देशों को ला रहा करीब
सर्जियो गोर ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच के बेहतरीन व्यक्तिगत तालमेल (केमिस्ट्री) को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के आपसी संबंध रिश्तों को नई रफ्तार दे रहे हैं। राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति आज भी अपनी पिछली भारत यात्रा को अपनी सबसे यादगार और दिल के करीब रहने वाली यात्राओं में से एक मानते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति के दोबारा भारत दौरे की गवाह बनेंगे।
500 अरब डॉलर के महा-लक्ष्य की ओर कदम
व्यापारिक आंकड़ों पर बात करते हुए राजदूत गोर ने बताया कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तय किए गए उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अगले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर (ن500 Billion) तक पहुंचाने का खाका तैयार किया गया है।
दो हफ्ते बाद फिलीपीन में जुटेगा 'क्वाड'
इस समिट के दौरान अमेरिकी राजदूत ने एक और बड़ी कूटनीतिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि लगभग दो सप्ताह बाद फिलीपीन में 'क्वाड' (Quad - चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की एक हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। आपको बता दें कि 'क्वाड' भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच का एक बेहद प्रभावशाली और अनौपचारिक रणनीतिक समूह है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने का काम करता है।
