रामपुर को 777 करोड़ की सौगात, सीएम योगी ने किया 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

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Published By Anjali Singh
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सीएम योगी बोले, पहले सरकारी भर्ती निकलते ही वसूली पर निकल पड़ती थी 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी

रामपुर, अमृत विचार : रामपुर के शाहबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। इस दौरान जनसभा में उन्होंने प्रदेश के विकास के साथ सपा और कांग्रेस की सरकारों पर जमकर निशाना साधा। इस बार उनके निशाने पर सपा अध्यक्ष के साथ ही उनके चाचा और पूर्व मंत्री शिवपाल यादव भी रहे। उन्होंने कहा कि रामपुरी चाकू सपा सरकार में लूट और डकैती का जरिया था, जबकि हमारी सरकार में यह हुनर और सुरक्षा का माध्यम बन गया है। 

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज रामलला के दर्शन के लिए होड़ कर रहे हैं। हनुमान जी और 'कालनेमि' का प्रसंग सुनाते हुए सीएम ने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले भी आज लोकतंत्र की ताकत के आगे रामभक्ति की बात करने को मजबूर हैं। अब कालनेमि की तरह रूप बदलकर आपके सामने आ रहे हैं। रामपुर की धरती भगवान महाकालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी जैसे आस्था केंद्रों से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी पर रोक थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी और महाकुंभ यूपी की नई पहचान हैं और सभी पर्व बिना उपद्रव के मनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिल रहा है। जबकि सपा सरकार में कोई सरकारी नौकरी या भर्ती निकलती थी, तो 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। 2017 से पहले युवाओं के रोजगार पर डाका डाला जाता था।  धांधली इतनी होती थी कि न्यायालय से उस पर रोक ही लग जाती थी। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और डबल इंजन की सरकार में युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। 2017 से पहले सत्ता निरंकुश थी, जिसने गरीबों और वाल्मीकि समाज की जमीनें छीनीं, लेकिन आज का विकास किसी 'सैफई परिवार' तक सीमित नहीं है।

रामपुर के हुनर और पारंपरिक उद्यम पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस उत्पीड़न के कारण रामपुर का पैचवर्क, जरी-बूटा और वायलिन उद्योग चौपट हो चुके थे। हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना ने इन उद्योगों को नया बाजार और संजीवनी दी है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का ऐलान करते हुए उन्होंने बताया कि नया 'गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर' रामपुर से होकर गुजरेगा, जो पूर्वी यूपी को पश्चिमी यूपी और पानीपत से जोड़ेगा।

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