Bareilly News : बाबा बर्फानी से लगन पुरानी, बुजुर्ग-नौजवान हाजिरी सबको लगानी
नाथनगरी से 28 जून को कश्मीर रवाना होगा बरेली से पहला जत्था, 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
बरेली, अमृत विचार। नाथ नगरी में अमरनाथ यात्रा की तैयारी में जुटे बाबा बर्फानी के भक्त बहुत उत्साह में नजर आ रहे हैं। उम्र की चिंता और मौसम की दुश्वारियों की चिंता छोड़ कितने ही वरिष्ठ नागरिक हर बार की तरह यात्रा पर जाने वाले हैं। 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा के लिए बरेली से श्रृद्धालुओं का पहला जत्था 28 जून को बरेली जंक्शन से रवाना होगा। काफी पहले ही बुकिंग कराए जाने के बाद भी जम्मू जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग के हालात हैं, हालांकि इससे यात्रियों के जोश में कोई कमी नहीं देखी जा रही।
नाथनगरी बरेली में बाबा के दर्शन की चाह रखने वालों में कई ऐसे दिवाने हैं, जो वर्षों से किसी भी हालत में अमरनाथ यात्रा जरूर करते हैं। इनमें एक नाम चाहबाई निवासी निर्भय सक्सेना का है, जो उम्र में अब 70 के करीब पहुंच रहे हैं। नियमों के हिसाब से उनका अबकी बार यात्रा का आखिरी साल होगा। अमरनाथ यात्रियों के लिए श्राइन बोर्ड उम्र सीमा 70 साल तय कर रखी है। वे इस बार वह 16 जुलाई को जम्मू रवाना होंगे और बालटाल बेस कैंप के रास्ते यात्रा करेंगे। उनकी तरह पटे की बजरिया की रहने वाले पुत्तन सक्सेना दूसरे जत्थे से घाटी को कूच करेंगे। डोहरा के रहने वाले महेश पटेल, मढ़ीनाथ निवासी अशोक शर्मा, संजय नगर के रहने वाले विवेक मिश्रा, माडल टाउन के ललित कश्यप कई साल से लगातार अमरनाथ यात्रा करने वालों में शामिल हैं और इस बार भी अपने जत्थे में युवा व बुजुर्गों के साथ रवाना होने वाले हैं। पुत्तन सक्सेना की अगुवाई में जत्था 27 जून को बरेली से जाएगा।
2023 में भूस्खलन में फंसे मगर नहीं हारी हिम्मत
निर्भय सक्सेना बताते हैं कि 2023 में अमरनाथ यात्रा के दौरान कश्मीर घाटी में भूस्खलन की वजह से फंस गया था। आठ घंटा तक तक सब जहां के तहां अटके रहे थे मगर किसी का हौसला कमजोर नहीं पड़ा। संकट में सेना ने उनकी बहुत मदद की थी और भारी ठंड में अपने कैंप में रुकने का इंतजाम किया था। बताते हैं कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने को बालटाल बेस कैंप व पहलगाम दो रास्ते हैं। बालटाल के रास्ते दिनभर में यात्रा पूरी हो जाती है। यहां पैदल व घोड़े से जाने की सुविधा है। सीधी चढ़ाई थका देने वाली जरूर है मगर बाबा बर्फानी अपने भक्तों को हिम्मत देते हैं। वहीं पहलगाम का रास्ता काफी सुगम है, मगर इस रास्ते यात्रा में तीन दिन लगते हैं।
लगातार 10वीं बार करेंगे बाबा के दर्शन
पुत्तन सक्सेना ने बताया कि वह लगातार 10वीं बार बाबा के दर्शन करेंगे। केवल कोविड के समय में यात्रा नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया कि 28 जून को वह पहला जत्था लेकर रवाना होंगे, जिसमें 22 लोग शामिल रहेंगे। उनमें 18 लोग ऐसे हैं जो दूसरी, तीसरी या चौथी बार यात्रा करेंगे। कटरा से यात्रा शुरू करते हैं। पहले मां वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे।
यात्रा पर जाने से पहले करें ये तैयारी
अमरनाथ यात्रा से पहले पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण अधिकृत बैंकों/केंद्रों या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जाता है। अपना यात्रा परमिट प्राप्त करना आवश्यक है। जिला अस्पताल से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाएं। अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से स्वास्थ्य जांच करानी होती है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में यात्रा होने के कारण शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है। मौसम में तेजी के साथ बदलाव हो सकता है इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट, ट्रेकिंग जूते, दवाइयां, पहचान पत्र साथ रखें।
जम्मूतवी जाने वाली कई ट्रेनें पैक
अमरनाथ यात्रा के चलते ट्रेनें पूरी तरह पैक हैं। जम्मूतवी जाने वाली कई ट्रेनों में तो वेटिंग टिकट तक मिलना बंद हो गया है। ट्रेन संख्या 13151 कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस 25 जून से लेकर 14 जुलाई तक वेटिंग टिकट तक मिलना बंद हो गया है। बीच में एक-दो दिन वेटिंग टिकट जरूर दिखा रहा था। 12469 कानपुर सेंट्रल-जम्मूतवी एक्सप्रेस में 24 जुलाई तक वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा। 15097 अमरनाथ एक्सप्रेस में भी 31 जुलाई तक टिकट नहीं इन ट्रेनों में स्थिति रिग्रेट दिखा रहा था।
