नाइजीरिया के लासा डे सेकेंडरी स्कूल पर हमला, बंदूकधारियों ने किया छात्रों का अपहरण, 3 की मौत

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

अबुजा। नाइजीरिया के पूर्वोत्तर राज्य बोर्नो में बंदूकधारियों ने एक माध्यमिक विद्यालय पर हमला कर वहां परीक्षा दे रहे छात्रों का अपहरण कर लिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह हमला सोमवार सुबह लासा डे सेकेंडरी स्कूल में हुआ, जो बोर्नो राज्य के अस्किरा-उबा क्षेत्र में स्थित है। 

परीक्षा के दौरान स्कूल पर हमला

पुलिस प्रवक्ता नाहुम दासो ने बताया कि हमले के कुछ घंटों बाद 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस क्षेत्र में लंबे समय से जारी चरमपंथी हिंसा में हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। 

बंदूकधारियों ने किया छात्रों का अपहरण, 10 लोग सुरक्षित बचाए गए

दासो ने कहा, ''अभी हमें यह जानकारी नहीं है कि कितने छात्रों का अपहरण किया गया है। फिलहाल लगभग 10 पीड़ितों को बचा लिया गया है।'' मानवाधिकार संगठन 'एमनेस्टी इंटरनेशनल नाइजीरिया' ने कहा कि इस हमले में दो शिक्षकों और एक छात्र की मौत हो गई। संगठन ने अपने बयान में कहा, ''स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए। किसी भी बच्चे को अपनी शिक्षा और अपनी जान के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।'' 

आतंकी गुटों का प्रभाव

बयान में कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह नाइजीरियाई सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा क्षेत्र को उत्तरी नाइजीरिया में सक्रिय सशस्त्र समूहों से सुरक्षित रखे। पूर्वोत्तर नाइजीरिया और लेक चाड क्षेत्र में आतंकवादी संगठन बोको हराम तथा उससे अलग हुआ गुट 'इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रॉविंस' (ISWAP) सक्रिय हैं। यह क्षेत्र चाड, नाइजर और कैमरून की सीमाओं से लगा हुआ है। 

नाइजीरियाई सेना ने की थी बड़ी कार्यवाई 

इसी महीने की शुरुआत में नाइजीरियाई सेना ने नगोशे कस्बे से बोको हराम द्वारा अगवा किए गए 300 से अधिक लोगों को मुक्त कराया था। यह कस्बा लासा से लगभग 114 किलोमीटर दूर है जहां सोमवार को बच्चों को अगवा करने की घटना हुई है। मई में नाइजीरिया ने बताया था कि अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान में आईएसडब्ल्यूएपी के 175 चरमपंथी मारे गए। 

ये भी पढ़ें  : 
Europe Heatwave : यूरोप में टूटते तापमान के रिकॉर्ड्स के पीछे का खौफनाक सच, वैज्ञानिकों ने बताया क्यों गंभीर है यह संकट

संबंधित समाचार