पहली बार खाड़ी देश पहुंची होशियारपुर की लीची, पंजाब से ओमान 500 किलो का एक्सपोर्ट 

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Published By Anjali Singh
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चंडीगढ़। पंजाब के कृषि और सहकारिता क्षेत्र के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। राज्य के होशियारपुर जिले से पहली बार 500 किलोग्राम ताजा और उच्च गुणवत्ता वाली लीची की खेप ओमान (Oman) निर्यात की गई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से हुआ यह निर्यात इसलिए बेहद खास है क्योंकि यह पंजाब की किसी सहकारी समिति द्वारा विदेश भेजी गई पहली ताजा कृषि उपज की खेप है।

'उन्नति सहकारी समिति' और 'एपीडा' का मिला साथ

एपीडा (APEDA) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सफल निर्यात 'उन्नति एग्री एलाइड सहकारी समिति' के माध्यम से संभव हो सका है। प्राधिकरण ने इस समिति को न केवल विदेशी खरीदार खोजने में मदद की, बल्कि खेत से लेकर ओमान तक फल पहुंचाने की पूरी निर्यात प्रक्रिया में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग भी प्रदान किया।

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों (International Quality Standards) को पूरा करने के लिए लीची की पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। फल की ताजगी, मिठास और गुणवत्ता परिवहन के दौरान खराब न हो, इसके लिए एम/एस सुपर प्लम के सहयोग से 'संशोधित वातावरण पैकेजिंग' (MAP) बैगों में 1 से 5 किलोग्राम की क्षमता में पैकिंग की गई।

लुलु ग्रुप के जरिए होगा विपणन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ेगी साख

ओमान पहुंचने के बाद इस खेप का विपणन (Marketing) वहां के प्रमुख और प्रसिद्ध खुदरा समूह 'लुलु ग्रुप' के माध्यम से किया जाएगा। एपीडा के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से पंजाब की लीची को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक स्थायी पहचान और सीधी पहुंच बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। यह पूरी कवायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' अभियान के बिल्कुल अनुकूल है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय सहकारी समितियों को वैश्विक बाजारों से जोड़कर कृषि निर्यात की रफ्तार बढ़ाना है।

चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के खुलते ही मिली सफलता

यह बड़ी उपलब्धि हाल ही में चंडीगढ़ में एपीडा (APEDA) के पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन के तुरंत बाद हासिल हुई है। यह नया कार्यालय पंजाब के किसानों और निर्यातकों को सीधे तौर पर बाजार संपर्क, तकनीकी सहयोग और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

इस पहली खेप को एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। जिसके बाद एपीडा के उत्तर भारत क्षेत्रीय प्रमुख हरप्रीत सिंह ने अन्य अधिकारियों और उन्नति सहकारी समिति के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर खेप को रवाना किया।

'यह पहल पंजाब के किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें निर्यात-योग्य (Export-quality) फलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और वैश्विक ताजा फल बाजार में भारत की पैठ मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, इससे ग्रामीण इलाकों में सहकारी (Cooperative) मॉडल को एक नई ऊर्जा मिलेगी।'- हरप्रीत सिंह, क्षेत्रीय प्रमुख (उत्तर भारत), एपीडा

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