बरेली में मौसम का अनोखा रूप; अलखनाथ रोड और सिविल लाइंस में जमकर बरसे बदरा, शहर के बाकी हिस्सों में लोग गर्मी से बेहाल
-दोपहर तक गर्मी और उमस से बेहाल दिखे लोग, फिर कई इलाकों में हुई तेज बारिश -अलखनाथ रोड, सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में आधा घंटे तक जमकर बरसे बदरा -तापमान में गिरावट से मिली राहत, अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा
बरेली, अमृत विचार: शुक्रवार को शहर में मौसम का अनोखा रूप देखने को मिला। सुबह से तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किए रखा। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और आधे शहर को तेज बारिश ने सराबोर कर दिया, जबकि शहर का बाकी हिस्सा सूखा रहा या नाममात्र की बूंदाबांदी हुई। असमान बारिश चर्चा का विषय बनी रही।
दोपहर में अलखनाथ रोड, बड़ा बाजार, साहूकारा और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली।
दूसरी ओर पीलीभीत बाइपास रोड स्थित सेटेलाइट बस स्टैंड क्षेत्र, पुराना शहर, , सुरेश शर्मा नगर, महानगर, रामपुर गार्डन समेत कई इलाकों में बिल्कुल बारिश नहीं हुई या हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बरेली में कुल 1.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच शहर का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डा. अतुल कुमार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र और आर्द्रता के कारण अक्सर मानसून के दौरान इस तरह की सीमित दायरे वाली बारिश देखने को मिलती है, जो कुछ इलाकों को तो तरबतर कर देती है लेकिन पड़ोसी इलाके सूखे रह जाते हैं।
इन इलाकों में बारिश से अंडरपास और मुख्य सड़कें जलमग्न
बारिश ने कुछ स्थानों पर नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सिटी स्टेशन रोड और सुभाषनगर अंडरपास समेत शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। घुटनों तक पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे बाजारों के लिए निकले कई बाइक सवार बीच रास्ते में ही फंस गए। मुख्य रास्तों के अलावा कुतुबखाना चौराहा, कोहाड़ापीर और श्यामगंज जैसे व्यस्त क्षेत्रों में भी जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई।
मानसून की सक्रियता में अब तीन दिन आएगी कमी
प्रदेश में 30 जून को मानसून के आगमन और 2 जुलाई को पूरे राज्य में फैलने के बाद, अब आगामी तीन दिनों के दौरान मानसूनी सक्रियता में कमी आने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी उड़ीसा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसक गई है। प्रदेश में अन्य कोई सक्रिय सिस्टम न होने के कारण दक्षिणी भाग और उससे लगे जिलों को छोड़कर अन्य इलाकों में मानसूनी गतिविधियां काफी सीमित रहेंगी। इस मौसमी बदलाव के लोगों को थोड़ी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि इस ठहराव के बाद मानसूनी सक्रियता में एक बार फिर बढ़ोत्तरी होगी, जिससे प्रदेश भर में वर्षा का दौर पुनः शुरू हो जाएगा।
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