12 जुलाई का पंचांग : त्रयोदशी पर बन रहे शुभ संयोग, नए काम और खरीदारी के लिए अच्छा दिन; जानें राहुकाल, मुहूर्त और दिशाशूल
12 July 2026 Panchang: शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और दिशाशूल
डिजिटल डेस्क/लखनऊ। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, निवेश, यात्रा या किसी भी शुभ कार्य से पहले लोग पंचांग देखकर ही निर्णय लेते हैं। 12 जुलाई 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई शुभ संयोग लेकर आया है।
इस दिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:30 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। ज्योतिषाचार्य योगेश मिश्र के अनुसार, रविवार को वृद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे नए कार्यों की शुरुआत, वाहन या संपत्ति खरीदने और पूजा-पाठ के लिए यह दिन अनुकूल माना जा रहा है।
क्या कहते हैं लखनऊ के ज्योतिषाचार्य योगेश मिश्र?
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य पंडित योगेश मिश्र कहते हैं,... "आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। रविवार को वृद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का संयोग कार्यों में उन्नति और सफलता का संकेत देता है। हालांकि राहुकाल और यमगंड काल में नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा अनिवार्य हो तो घर से गुड़ या घी का सेवन करके निकलना शुभ माना जाता है।"
12 जुलाई 2026 का पंचांग
- तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (रात 10:30 बजे तक), इसके बाद चतुर्दशी
- वार: रविवार
- सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
- चंद्रोदय: रात 3:05 बजे
- चंद्रास्त: शाम 5:26 बजे
नक्षत्र और योग
- रोहिणी नक्षत्र: सुबह लगभग 8:28 बजे तक
- इसके बाद: मृगशिरा नक्षत्र
- योग: वृद्धि योग रात 8:05 बजे तक, इसके बाद व्यतिपात योग
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:59 बजे तक
ज्योतिष शास्त्र में इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्य, पूजा, निवेश या व्यापार शुरू करना शुभ माना जाता है।
अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 5:39 बजे से 7:23 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:55 बजे से शाम 5:39 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 12:26 बजे से 2:10 बजे तक
मान्यता है कि इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
राशि और दिशाशूल
- सूर्य: मिथुन राशि में
- चंद्रमा: वृषभ राशि में
- दिशाशूल: पश्चिम दिशा
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा आवश्यक हो तो शुभ उपाय करके ही घर से निकलना बेहतर माना जाता है।
शिव आराधना से मिलेगा विशेष फल
धार्मिक मान्यता है कि त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना, महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
