बाराबंकी में भी दिखा अयातुल्ला खामेनेई के निधन का गम, किन्तूर में अयातुल्ला परिवार और धर्मगुरुओं ने दी नम आंखों से श्रद्धांजलि
ईरान में जारी सात दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार के बीच बाराबंकी के किन्तूर गांव में अयातुल्ला परिवार के सदस्यों ने खामेनेई को याद किया। गाज़ा संकट, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और भारत की विदेश नीति को लेकर भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
बाराबंकी, अमृत विचारः ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में 3 से 9 जुलाई तक चल रहे सात दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार की गूंज उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के किन्तूर गांव तक पहुंची। यहां रहने वाले अयातुल्ला परिवार के वंशजों और स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरुओं ने खामेनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, गाज़ा संकट और वैश्विक राजनीति को लेकर भी अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
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"दुनिया के मजलूमों की आवाज थे खामेनेई"
अयातुल्ला परिवार के सदस्य रेहान काज़मी ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ी क्षति है। उनके अनुसार, खामेनेई दुनिया भर के उत्पीड़ित और वंचित लोगों की आवाज के रूप में देखे जाते थे।
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उन्होंने कहा कि 28 फरवरी की घटनाओं के बाद पूरी दुनिया ने ईरान की प्रतिक्रिया देखी। साथ ही उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में गाज़ा में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत तथा फिलिस्तीनियों पर अत्याचार का उल्लेख किया गया है।
भारत की विदेश नीति पर भी दी प्रतिक्रिया
ईरान में चल रहे अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के शीर्ष नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की चर्चाओं के बीच भारत से किसी प्रतिनिधिमंडल के जाने के सवाल पर भी स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया सामने आई।
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अयातुल्ला परिवार के वंशज मुफ्ती मोहम्मद कुली मुसावी और सैयद आदिल काज़मी ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार भारत से अभी तक कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार अपनी विदेश नीति और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्णय लेती है तथा इस विषय पर वही अधिकृत रूप से स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
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श्रद्धांजलि के साथ शोक का माहौल
किन्तूर गांव में अयातुल्ला परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नम आंखों से याद किया। उनके निधन को लेकर क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
