Barabanki Cyber Fraud: व्यापारी नेता राजीव गुप्ता से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 70 लाख की ठगी, सरकारी डॉक्टर भी निवेश घोटाले के शिकार
फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर पांच माह में 70.28 लाख रुपये हड़पे, दूसरी ओर निवेश के नाम पर सरकारी चिकित्सक से 5 लाख की ठगी; दोनों मामलों में पुलिस जांच शुरू।
बाराबंकी, अमृत विचार। जिले में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में व्यापारी नेता राजीव गुप्ता उर्फ बब्बी से फॉरेक्स ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर 70.28 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में एक सरकारी चिकित्सक से प्लॉट दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुई 70 लाख की साइबर ठगी
शहर के मोहल्ला सराबगी निवासी एवं व्यापारी संगठन के पदाधिकारी राजीव गुप्ता उर्फ बब्बी ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2025 में उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से एक व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपी ने स्वयं को बाराबंकी का निवासी बताते हुए एक ट्रेडिंग कंपनी के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने और अधिक मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया।
शिकायत के अनुसार, भरोसा होने पर उन्होंने 31 अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में यूपीआई, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से कुल 70,28,790 रुपये जमा किए।
ट्रेडिंग एप पर लगातार लाभ दिखाई देता रहा, लेकिन जब उन्होंने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो अलग-अलग शुल्क जमा करने की मांग की जाने लगी। इस पर उन्हें साइबर ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
निवेश के नाम पर सरकारी डॉक्टर से 5 लाख की ठगी
बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में भी निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र निवासी तथा टीबी क्लीनिक बाराबंकी में तैनात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण सिंह गौतम ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2019 में उनके रिश्तेदार ईश्वर दयाल सिंह ने उन्हें एक कंसल्टेंसी कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
शिकायत के मुताबिक, ईश्वर दयाल सिंह ने अपने साथियों रणधीर सिंह वर्मा, हंसराज वर्मा और पवन कुमार रावत के साथ मिलकर 10 लाख रुपये निवेश करने पर प्लॉट दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद डॉ. गौतम ने 5 लाख रुपये का चेक आरोपियों को दे दिया।
कुछ समय बाद जब वह कंपनी के इंदिरा नगर स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां कंपनी नहीं मिली। आरोप है कि बाद में उन्हें 1,66,666 रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और दोबारा पैसे देने का दबाव बनाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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