Women's T20 World Cup Final 2026: लॉर्ड्स में आज ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड की महामुकाबला, कौन बनेगा नया चैंपियन?
दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में अजेय, इंग्लैंड के घरेलू रिकॉर्ड और ऑस्ट्रेलिया के सातवें खिताब की चुनौती पर टिकीं सभी की निगाहें
अमृत विचार डेस्क लखनऊः महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला 5 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और बिना कोई मैच गंवाए फाइनल तक का सफर तय किया है। ऐसे में आज किसी एक टीम की विजयी लय जरूर टूटेगी और दूसरी टीम विश्व चैंपियन बनेगी।
ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया, जबकि इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब ऑस्ट्रेलिया सातवीं बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।
घरेलू मैदान पर इंग्लैंड का शानदार रिकॉर्ड
महिला टी20 विश्व कप में इंग्लैंड का अपने घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। वर्ष 2009 से लेकर 2026 के सेमीफाइनल तक इंग्लैंड ने अपने घर में कुल 11 मुकाबले खेले हैं और सभी में जीत दर्ज की है।
ऐसे में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड के इस अजेय घरेलू रिकॉर्ड को तोड़ने की होगी। ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट का आठवां फाइनल खेल रहा है, जबकि इंग्लैंड पांचवीं बार फाइनल में पहुंचा है।
ऑस्ट्रेलिया अब तक छह बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीत चुका है। उसे केवल 2016 के फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। यदि ऑस्ट्रेलिया इस बार जीत दर्ज करता है तो उसके नाम सातवां खिताब हो जाएगा।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में किसे बढ़त?
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 45 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 22 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 20 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच दो मैच टाई रहे हैं, जबकि एक मुकाबले का कोई परिणाम नहीं निकला।
इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में इंग्लैंड की मेजबानी में खेले गए महिला टी20 विश्व कप में इंग्लैंड ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर अपना पहला खिताब जीता था। इस बार टीम दूसरे विश्व कप खिताब की कोशिश करेगी।
