राम मंदिर दान चोरी मामला : UP सरकार ने SIT का कार्यकाल 15 दिन बढ़ाया, जांच का दायरा होगा और व्यापक

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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23 जून को एसआईटी ने सरकार को सौंपी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट

योध्या राम मंदिर ट्रस्ट के दान और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी का कार्यकाल उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिन बढ़ा दिया है। आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के दान और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में जांच कर रहे तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का कार्यकाल उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। प्रारंभिक आदेश के तहत टीम को 15 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, 23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसके आधार पर 25 जून को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई और मामले में आठ आरोपियों- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव को गिरफ्तार किया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच, वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल और संभावित अन्य कड़ियों की जांच के लिए एसआईटी का कार्यकाल 15 दिन और बढ़ाया गया है। तीन सदस्यीय एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। विस्तारित अवधि के दौरान टीम मामले की व्यापक जांच कर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

अब तक क्या हुआ?
  1. 13 जून: उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।
  2. 23 जून: एसआईटी ने सरकार को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी।
  3. 25 जून: रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
  4. अब: जांच का दायरा बढ़ाने के लिए एसआईटी का कार्यकाल 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।

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