Mahant Nritya Gopal Das : राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता में भर्ती
लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के वरिष्ठ संत महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में संक्रमण (लंग्स इंफेक्शन) की शिकायत के चलते भर्ती किया गया है।
मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही अस्पताल की ओर से आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा।
88 वर्षीय महंत नृत्य गोपाल दास पहले भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। जनवरी 2026 में भी उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से लौटे थे। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अस्पताल पहुंचे थे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
महंत नृत्य गोपाल दास राम मंदिर आंदोलन के सबसे प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। उन्होंने मंदिर आंदोलन के शुरुआती दौर से लेकर भूमि पूजन, निर्माण कार्य और प्राण प्रतिष्ठा तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मणिराम दास छावनी के महंत के रूप में उन्होंने संत समाज को एकजुट करने और राम मंदिर आंदोलन को गति देने में उल्लेखनीय योगदान दिया। अदालतों में चली कानूनी लड़ाई से लेकर जनआंदोलन तक वे सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई बार स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। उनके अस्वस्थ होने की खबर सामने आने के बाद देशभर के संत-समाज और रामभक्त उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
कौन हैं महंत नृत्य गोपाल दास?
महंत नृत्य गोपाल दास राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संतों में शामिल हैं और वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। मणिराम दास छावनी के महंत के रूप में उन्होंने दशकों तक राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व किया। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चले जनआंदोलन, संतों के संगठन और कानूनी लड़ाई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक वे हर प्रमुख अवसर पर मौजूद रहे। 88 वर्षीय महंत नृत्य गोपाल दास लंबे समय से रामभक्तों और संत समाज के बीच एक सम्मानित धार्मिक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
