मुरादाबाद में आकाशीय बिजली का कहर : धान की रोपाई कर रहे दो मजदूरों की मौत, तीन युवतियां गंभीर
मूसलाधार बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हुए थे मजदूर
मुरादाबाद में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से धान की रोपाई कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन युवतियां गंभीर रूप से झुलस गईं। प्रशासन ने राहत और सहायता प्रक्रिया शुरू की।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मझोला थाना क्षेत्र में धान की रोपाई कर रहे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन युवतियां गंभीर रूप से झुलस गईं। घायलों का हायर सेंटर में इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, मझोला क्षेत्र निवासी बिलाल के खेत में मैनाठेर गांव की गौशाला के पास धान की रोपाई का कार्य चल रहा था। खेत में गांगन वाली मैनाठेर निवासी संतराम (35), विनीता (20), सपना, देवांशी, कामिनी समेत कई मजदूर काम कर रहे थे।
सुबह करीब नौ बजे अचानक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिर गई। इसकी चपेट में आने से संतराम, विनीता, सपना, देवांशी और कामिनी गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने संतराम और विनीता को मृत घोषित कर दिया। वहीं सपना, देवांशी और कामिनी की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इधर, बुधवार सुबह से मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। बारिश से किसानों को राहत मिली है और खरीफ फसलों के लिए यह लाभदायक साबित हो रही है।
हालांकि, लगातार बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रमुख सड़कों और हाईवे पर पानी भरने तथा दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
बारिश के दौरान खुले खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं के पास खड़े होने से बचें। मौसम खराब होने पर तुरंत किसी पक्की इमारत या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। यदि सुरक्षित आश्रय उपलब्ध न हो तो खुले मैदान में झुककर बैठें, लेकिन पेड़ के नीचे कभी शरण न लें।
