CBI ने रिश्वत मामले में IPS अधिकारी दीपक गहलावत को किया गिरफ्तार, नकली दवा गिरोह जांच में 3 करोड़ रुपये मांगने का आरोप

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Published By Deepak Mishra
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डीजीसीए में क्षेत्रीय निदेशक रहते कारोबारी को जांच में राहत दिलाने का दिया था कथित भरोसा, सीबीआई ने तीन करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में की कार्रवाई

सीबीआई ने नकली दवा बनाने वाले गिरोह की जांच में तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने के आरोप में आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नकली दवा बनाने वाले गिरोह की जांच से जुड़े कथित तीन करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई के अनुसार, कथित घटना के समय दीपक गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एक कारोबारी को सीबीआई की जांच में राहत दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बदले उन्होंने कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की।

जांच में सामने आया है कि यह मामला पुडुचेरी के कारोबारी एन. राजा से जुड़ा है, जो नकली दवा बनाने वाले गिरोह की जांच के दायरे में था। आरोप है कि कारोबारी को अनुकूल परिणाम दिलाने के लिए सीबीआई अधिकारियों तक पहुंच बनाने का दावा किया गया और इसी के एवज में रिश्वत मांगी गई।

यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा जून महीने में चलाए गए विशेष अभियान की कड़ी है। इस अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह और कथित बिचौलिए राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई ने इस मामले में आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत के अलावा निरीक्षक प्रदीप सिंह, राजकुमार और कारोबारी एन. राजा के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी अब रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क, कथित बिचौलियों की भूमिका और जांच को प्रभावित करने की कोशिशों की गहन पड़ताल कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

सीबीआई के अनुसार, नकली दवा बनाने वाले गिरोह की जांच के दौरान पुडुचेरी के कारोबारी एन. राजा को जांच में राहत दिलाने का कथित आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सीबीआई अधिकारियों से संपर्क कराने का दावा किया और इसके बदले तीन करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। इसी मामले में पहले दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह और कथित बिचौलिए राजकुमार को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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