पीलीभीत : पेड़ की टहनियां गिरने से फाल्ट, कई फीडर ठप, मानसून की पहली बारिश से बेपटरी बिजली व्यवस्था चरमराई
कुछ इलाकों में सोमवार रात से गुल हुई बिजली, दूसरे दिन हुई सुचारू
पीलीभीत, अमृत विचार: मानसून की पहली बारिश ने पहले से बेपटरी बिजली व्यवस्था को और चरमरा दिया। सोमवार देर रात और मंगलवार तड़के तीन बजे के बाद शहर के कई फीडरों पर आपूर्ति ठप हो गई। कई मोहल्लों में 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रही और लोग पेयजल को भी परेशान हो गए। शहर की बिजली व्यवस्था पहले ही बदतर बनी हुई है। पिछले कई महीनों से हाल बेहाल है। दिन ही नहीं रात में भी बिजली कब गुल जो जाए पता नहीं। सोमवार देर रात हुई बारिश के बाद व्यवस्था और बिगड़ गई। फाल्ट और पेड़ों की डालियां गिरने के बाद बिजली गुल हो गई।
हैदरी मस्जिद, छोटी मार्केट, एकता नगर, निरंजन कुंज, पुलिस लाइन, खकरा, काशीराम, फीलखाना, चौक बाजार, साहूकारा, आवास विकास, वल्लभनगर, गैस चौराहा, शेर मोहम्मद, डालचंद, अयोध्यापुरम, सरायखाम, कबीर खान, रामलीला टाउन नंबर-2, जामा मस्जिद समेत शहर के दर्जनों इलाकों से सुबह से ही बिजली गुल रहने की शिकायतें आती रहीं।
परेशान उपभोक्ताओं ने जानकारी करनी चाही लेकिन उन्हें पूर्व की भांति कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उस पर नाराजगी जताई जाती रही। बाद में जिम्मेदारों ने बारिश और तेज हवा के कारण 11 केवी लाइनों पर पेड़ों की डालियां गिरने और कई स्थानों पर फाल्ट की जानकारी दी। पुलिस लाइन, निरंजन कुंज, खकरा और कांशीराम फीडरों पर पेट्रोलिंग और मरम्मत का काम चलता रहा। कई इलाकों में दोपहर तक भी बिजली नहीं पहुंच सकी। लंबे समय तक कटौती से घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया।
इनवर्टर जवाब दे गए और लोगों को मोबाइल चार्ज करने तक में परेशानी हुई। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों ने फोन नहीं उठाए और न ही स्पष्ट जानकारी दी गई। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान बिजली व्यवस्था दुरुस्त रहती है, लेकिन सामान्य बारिश में ही पूरा सिस्टम जवाब दे देता है। हालांकि दोपहर बाद कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हुई। तब जाकर राहत मिल सकी।
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