Iran Khamenei Funeral: तेहरान में अंतिम संस्कार के दौरान उठे विवादित बयान, तनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में बड़ी भीड़ जुटी। कार्यक्रम के दौरान एक कवि के बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी, जबकि ईरान-अमेरिका वार्ता और क्षेत्रीय तनाव पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह के दौरान एक कवि की विवादित टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई। राजधानी तेहरान में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां राजनीतिक नारों और भाषणों के बीच दिए गए बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
समारोह में जुटी बड़ी संख्या में भीड़
रविवार को आयोजित अंतिम संस्कार में एक दिन पहले की तुलना में अधिक लोग पहुंचे। काले वस्त्र पहने शोकाकुल लोग बैनर और झंडे लेकर आयोजन स्थल पर पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान कवि मोहम्मद रसूली ने अपने संबोधन में अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारे लगवाए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए एक विवादित टिप्पणी भी की, जिसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। समारोह में कुछ बैनरों पर भी उग्र राजनीतिक संदेश दिखाई दिए।
क्षेत्रीय हालात के बीच बढ़ी अहमियत
रिपोर्ट के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई, जिन्होंने कई दशकों तक ईरान का नेतृत्व किया, युद्ध की शुरुआत के दौरान 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में मारे गए थे। उनकी आयु 86 वर्ष थी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम संस्कार देश की धर्मतांत्रिक व्यवस्था और नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के प्रति समर्थन प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है।
अमेरिका से वार्ता और सुरक्षा चुनौतियां
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका के साथ वार्ता की प्रक्रिया में है। साथ ही, क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और संभावित सैन्य गतिविधियों को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।
युद्ध के कारण अंतिम संस्कार कार्यक्रम में देरी हुई थी और अंतिम संस्कार संपन्न होने तक वार्ता भी स्थगित रखी गई थी।
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