Stock Market Outlook: वैश्विक संकेतों के बीच तय होगी शेयर बाजार की दिशा, TCS के नतीजों पर निवेशकों की नजर
सेंसेक्स और निफ्टी ने पिछले सप्ताह दर्ज की मजबूत बढ़त। अब अमेरिका-ईरान वार्ता, विदेशी बाजारों की चाल, कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और टीसीएस के तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए अहम रहेंगे।
मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह दर्ज हुई मजबूती के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले सप्ताह में वैश्विक घटनाक्रम और कॉरपोरेट नतीजों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता, वैश्विक शेयर बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टीसीएस के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सप्ताह के आखिर में लौटी बाजार में तेजी
बीते सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही और सोमवार तथा मंगलवार को बाजार में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इसके बाद लगातार तीन कारोबारी सत्रों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
- बीएसई सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 663.44 अंक (0.86%) की बढ़त के साथ 77,763 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी-50 214.85 अंक (0.89%) चढ़कर 24,270.85 के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली।
- निफ्टी मिडकैप-50 में 1.11% की बढ़त रही।
- निफ्टी स्मॉलकैप-100 2.05% मजबूत होकर बंद हुआ।
इन शेयरों ने दिखाया दम
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 के शेयरों में साप्ताहिक तेजी दर्ज की गई।
सबसे अधिक बढ़त वाले प्रमुख शेयर:
- इटरनल – 10.24%
- बजाज फिनसर्व – 7.46%
- बजाज फाइनेंस – 5.42%
- मारुति सुजुकी – 4.53%
- अडानी पोर्ट्स – 4.34%
इसके अलावा टाइटन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, बीईएल, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील और इंफोसिस के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
इन कंपनियों के शेयर रहे दबाव में
दूसरी ओर कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
- एलएंडटी – 4.58%
- कोटक महिंद्रा बैंक – 3.01%
- एक्सिस बैंक – 2.47%
- टेक महिंद्रा – 1.83%
- महिंद्रा एंड महिंद्रा – 1.38%
- रिलायंस इंडस्ट्रीज – 1.06%
इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक, इंडिगो, टीसीएस और आईटीसी के शेयर भी सप्ताह के दौरान लाल निशान में बंद हुए।
इस सप्ताह किन कारकों पर रहेगी नजर?
बाजार की अगली चाल मुख्य रूप से इन कारकों से प्रभावित हो सकती है—
- अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता।
- वैश्विक शेयर बाजारों का प्रदर्शन।
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
- 9 जुलाई को आने वाले टीसीएस के पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजे।
- विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और वैश्विक निवेश धारणा।
यह भी पढ़ेंः E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई : वैज्ञानिक प्रक्रिया है एथेनॉल ब्लेंडिंग, ARAI-SIAM कर चुकीं टेस्टिंग
