Lucknow News : गड्ढों में उतरे बच्चे-बुजुर्ग, सड़क पर मनाया 'कीचड़ महोत्सव'; विरोध के बाद हरकत में आया LDA
लखनऊ के सरगम और स्मृति अपार्टमेंट के बीच सर्विस रोड पर जलभराव और गड्ढों से परेशान लोगों ने अनोखे अंदाज में 'कीचड़ महोत्सव' मनाकर LDA के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू हुआ।
लखनऊ। बरसात में सड़कें तालाब बन जाएं तो लोग आमतौर पर शिकायत करते हैं, लेकिन राजधानी लखनऊ में लोगों ने अपनी परेशानी को विरोध का ऐसा अनोखा रूप दिया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। सरगम अपार्टमेंट और स्मृति अपार्टमेंट के बीच स्थित सर्विस रोड पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों से नाराज स्थानीय निवासियों ने रविवार को 'कीचड़ महोत्सव' मनाकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और नगर निगम की कार्यशैली पर तीखा व्यंग्य किया।
सर्विस रोड पर बारिश के पानी से बनी झीलनुमा स्थिति के बीच सरगम, सृष्टि, स्मृति, जनेश्वर और सुलभ अपार्टमेंट के निवासी बड़ी संख्या में जुटे। महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने कीचड़ में उतरकर प्रतीकात्मक उत्सव मनाया और व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जब सड़क नहीं बन रही है तो कम से कम कीचड़ का आनंद ही लिया जाए। प्रतिभागियों ने तंज कसते हुए कहा कि इस "सुविधा" के लिए वे LDA अधिकारियों के आभारी हैं।

प्रदर्शन के बीच शुरू हुआ सड़क पर काम
प्रदर्शन के दौरान ही LDA के अधिकारी और ठेकेदार मौके पर पहुंचे और सर्विस रोड पर मिट्टी व गिट्टी डालकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। जैसे ही लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया, प्रशासन सक्रिय हो गया।

'व्यंग्य का तमाचा पड़ता है तो व्यवस्था जागती है'
सरगम अपार्टमेंट RWA के अध्यक्ष अनुरोध राय ने कहा कि यह कीचड़ महोत्सव लोकतांत्रिक और अहिंसक विरोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "जब व्यवस्था शिकायतों से नहीं जागती, तब व्यंग्य का तमाचा उसे जगाता है। अगर नागरिक जागेंगे तो अधिकारियों को भी जागना पड़ेगा।"
RWA ने लगाए नारे
कार्यक्रम में RWA के पूर्व सचिव प्रवीण सिंह, हेमंत खुराना और अनिल कुमार शर्मा समेत कई निवासियों ने कीचड़ स्नान कर विरोध जताया। इस दौरान LDA और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कार्यक्रम में सरगम, सृष्टि, स्मृति, सुलभ और जनेश्वर अपार्टमेंट के बड़ी संख्या में निवासी शामिल रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क का स्थायी निर्माण जल्द नहीं कराया गया तो भविष्य में भी इसी तरह के रचनात्मक और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
