अब सिर्फ बरसात नहीं, पूरे साल डंक मार रहा डेंगू! लखनऊ में मार्च-जून के बीच मिले कई मरीज, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

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Published By Muskan Dixit
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जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बारिश से बदला डेंगू का पैटर्न, स्वास्थ्य विभाग ने सालभर सतर्क रहने की दी सलाह

लखनऊ, अमृत विचार : जलवायु परिवर्तन बेमौसम बरसात, बढ़ते तापमान के कारण अब पूरे वर्ष डेंगू के मरीज मिलने लगे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम ने डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना दी हैं, जिससे संक्रमण का खतरा हर मौसम में बना रहता है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में इस वर्ष मार्च से जून के बीच डेंगू के 51 मरीज सामने आ चुके हैं। पहले डेंगू के मामले मुख्य रूप से जुलाई से अक्टूबर के बीच आते थे, लेकिन अब सर्दी और गर्मी में भी संक्रमण दर्ज किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर कूलर, फूलों के गमलों, छतों पर रखे बर्तनों, टायरों और अन्य स्थानों पर जमा साफ पानी में पनपता है। यही वजह है कि केवल बरसात में ही नहीं, बल्कि सालभर घर और आसपास पानी जमा न होने देना सबसे प्रभावी बचाव है।

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि डेंगू के प्रति लोगों की जागरूकता भी बढ़ी है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में कम है। सीएमओं ने लोगों से अपील की है कि कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें, पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब डेंगू से बचाव मौसमी नहीं, बल्कि सालभर की आदत बनाना होगा।

ये लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ से लें सलाह

सीएमओ के मुताबिक डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर चकत्ते और कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से डेंगू के गंभीर रूप से बचा जा सकता है।

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