'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में UP ने रचा इतिहास : एक दिन में 35.27 करोड़ पौधे लगाकर बनाया नया रिकॉर्ड; CM योगी ने किया नेतृत्व

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Published By Deepak Mishra
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निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधारोपण कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक दिन में 35.27 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से अभियान की शुरुआत की।

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रविवार को नया इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35,27,89,926 पौधे रोपे गए। यह संख्या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 35,27,89,000 पौधारोपण के लक्ष्य से भी अधिक रही।

राज्य सरकार के अनुसार, यह अभियान जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी ने किया अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने आरकेबीके के समीप ताल रिंग रोड पर मौलिश्री का पौधा भी रोपा। इस अवसर पर मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद और वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे।

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राज्यपाल से लेकर मंत्रियों तक ने किया पौधारोपण

अभियान में प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनभवन में सफेद चंदन का पौधा लगाया। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी और ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में पौधारोपण किया। इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शाहजहांपुर, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जालौन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने देवरिया, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मुरादाबाद तथा वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने बागपत में पौधे लगाकर अभियान को गति दी।

'एक पेड़ मां के नाम' बना जनआंदोलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को उत्तर प्रदेश में जनआंदोलन का स्वरूप मिला। सरकारी विभागों, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। अभियान का उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को मजबूत करना है।

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