Amethi News: संजय गांधी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, डॉक्टर से मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप; जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
अमेठी, अमृत विचार। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में रविवार को एक मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। अस्पताल प्रशासन ने मृतक के परिजनों पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने तथा इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बढ़ते तनाव को देखते हुए पांच थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। देर शाम तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
इलाज के दौरान हुई मरीज की मौत, भड़के परिजन
रामगढ़ निवासी चंद्रभान सिंह (65) की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें एमआईसीयू में शिफ्ट किया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर और कर्मचारियों से मारपीट, इमरजेंसी में तोड़फोड़ का आरोप
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉ. विनय शुक्ला के साथ मारपीट की। हालात ऐसे बन गए कि डॉक्टर को अपनी जान बचाने के लिए बाथरूम में शरण लेनी पड़ी। इमरजेंसी कैश काउंटर पर तैनात कर्मचारी अमन सिंह के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा इमरजेंसी और अन्य वार्डों में तोड़फोड़ की गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व तीमारदारों में दहशत फैल गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के पुत्र राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण उनके पिता की मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पांच थानों की पुलिस पहुंची, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही मुंशीगंज प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ने पर पांच थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। पुलिस ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
चार सदस्यीय जांच समिति गठित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में एसीएमओ डॉ. पी.के. उपाध्यक्ष, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. पलक यादव और शेष पांडेय को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
