पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने वाले गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड के तहत की कार्रवाई
संवाददाता, मलिहाबाद, अमृत विचार: पेट्रोल-डीजल की चोरी, अवैध अपमिश्रण और कालाबाज़ारी करने वाले गिरोह का खुलासा क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार शाम को किया। इस गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हजारों लीटर मिलावटी पेट्रोल-डीजल, सॉल्वेंट और मिलावट में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। यह खुलासा ऑपरेशन एथेनॉल् शील्ड के तहत की गई कार्रवाई में हुआ है। शुरूआती जांच में सामने आया कि एचपीसीएल के अमौसी टर्मिनल से पेट्रोल पंप के लिए निकले टैंकर से रास्ते में ईंधन निकालकर उसकी अवैध बिक्री की जाती थी। उसमें सॉल्वेंट मिलाकर अधिक कीमत पर बेचा जाता था।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक भारत सरकार द्वारा इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच सोशल मीडिया पर इसे लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा था। इसी को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देशन और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच ने यह विशेष अभियान शुरू किया। ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहनों में आने वाली तकनीकी खराबियों के पीछे कहीं पेट्रोल-डीजल में मिलावट और ईंधन चोरी जैसे अपराध तो जिम्मेदार नहीं हैं। रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने मलिहाबाद के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास स्थित एक मकान में छापा मारा। मौके से एक तेल टैंकर, एक वैन मिला। जांच में सामने आया कि टैंकर एचपीसीएल के अमौसी टर्मिनल से विधानसभा मार्ग स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन के लिए पेट्रोल और डीजल लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में उससे ईंधन निकालकर बेचा जा रहा था। मौके से सन्यासी बाग कनार निवासी अनिल कुमार, काकोरी करामतउल्ला बगरद तला हाता निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव हसनगंज पिलखना का धीरज सिंह और हरदोई के नौनार स्थित भानापुर मजरा आबिदपुर निवासी टैंकर चालक रामतीर्थ को गिरफ्तार किया।
जांच में हुई मिलावट की पुष्टि
एडीसीपी किरन यादव के मुताबिक मौके पर आबकारी टीम को बुलाया गया। इसके बाद जांच कराई गई। जांच में पेट्रोल व डीजल के अवैध भंडारण और अपमिश्रण की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से 7750 लीटर पेट्रोल, 4000 लीटर डीजल, करीब 1150 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल, लगभग 3200 लीटर सॉल्वेंट तथा मिलावट में प्रयुक्त प्लास्टिक पाइप, कीप, मास्टर चाबी, डिप रॉड, पांच लीटर का मापक और अन्य उपकरण बरामद किए। इसके अलावा टैंकर के पाइप और दूसरे चैम्बर से करीब 250 लीटर पेट्रोल भी मिला, जिससे स्पष्ट हुआ कि ईंधन निकालने की प्रक्रिया उसी समय चल रही थी।
75 रुपये लीटर बेचते थे ईंधन
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में टैंकर चालक रामतीर्थ ने बताया कि वह अमौसी तेल डिपो से पेट्रोल और डीजल लेकर पेट्रोल पंप के लिए निकलता था। रास्ते में ईंधन निकालकर अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचता था। अनिल ने कुबूल किया कि वह टैंकर चालकों से सांठगांठ कर पेट्रोल-डीजल खरीदता था। उसमें सॉल्वेंट मिलाकर ग्राहकों को अधिक दाम पर बेचता था। ताकि मोटा मुनाफा हो सके। इस काम में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह उसका सहयोग करते थे। जांच के दौरान टैंकर के पहले और दूसरे चैम्बर में कुल 250 लीटर पेट्रोल कम पाया गया। जिससे ईंधन चोरी की पुष्टि हुई। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
वर्जन
'ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड' का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल में अवैध मिलावट, ईंधन चोरी और कालाबाज़ारी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है। ऐसे अपराध न केवल आम लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं और वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर भी भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। भविष्य में भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
किरन यादव, एडीसीपी क्राइम, लखनऊ
