Kannauj News: शासन का SDM तिर्वा को नोटिस, पूछा- क्यों न शुरू की जाए विभागीय कार्रवाई? 7 दिन में मांगा जवाब
कन्नौज की तिर्वा तहसील में भूमि विवादों के लंबित मामलों पर उत्तर प्रदेश शासन ने एसडीएम वैशाली को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 7 दिन में जवाब मांगा गया है और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कन्नौज अमृत विचार। उत्तर प्रदेश शासन (नियुक्ति अनुभाग) की ओर से विशेष सचिव विजय कुमार ने तिर्वा एसडीएम/ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वैशाली को कड़ा पत्र लिखा है। इसमें भूमि विवादों के प्रकरणों का ठीक से निस्तारण न होने व उनके लंबित रहने पर नाराजगी जताई है। 07 दिनों के अंदर जवाब-तलब किया गया है। साथ ही कहा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाए।
यह पत्र ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वैशाली के नाम से 10 जुलाई को रात 8 बजकर 38 मिनट पर विशेष सचिव की ओर से डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इसमें शासनादेश संख्या 467/ एक-6-2026 दिनांक 31 मई 2026 का संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण के लिए 01 से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया गया। 01 जुलाई को अभियान की प्रगति समीक्षा की गई।
विशेष सचिव ने पत्र में कहा है कि तहसील तिर्वा में कुल 1315 पुनर्जीवित संदर्भों के सापेक्ष लंबित संदर्भों की संख्या 932 है। इससे पहले वाली लाइन में यह भी जिक्र है कि निस्तारण संदर्भ संख्या शून्य है। विशेष सचिव ने स्पष्ट किया है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से इस महत्वपूर्ण अभियान में ठीक तरह से रुचि नहीं ली जा रही है जो शिथिल कार्यशैली व पर्यवेक्षण है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिकूल तथ्यों पर अपना लिखित उत्तर 07 दिनों के अंदर शासन को प्रत्येक दशा में उपलब्ध कराएं। इस महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में उदासीनता के लिए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों न प्रारंभ कर दी जाए। यदि निर्धारित अवधि में उनका उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि अपने पक्ष में कुछ नहीं कहना है। उपलब्ध अभिलेखों से गुण-दोष में निर्णय ले लिया जाएगा।
तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार को रिपोर्ट लगाने का अल्टीमेटम
कन्नौज। आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण न होने पर उपजिलाधिकारी तिर्वा वैशाली ने भी तहसीलदार अवनीश कुमार, नायब तहसीलदार तिर्वा अमित पाठक व हसेरन के सतीश कनौजिया को चिट्ठी दी है। कहा है कि प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में इन अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं। इस कारण लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की त्रुटिपूर्ण व गुणवत्ताविहीन आख्या को ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है।
इससे तहसील तिर्वा के साथ ही जनपद की छवि भी धूमिल हो रही है। यह हालत अत्यंत खेदजनक व शासन के महत्वूपर्ण प्राथमिकता वाले कार्य में घोर लापरवाही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तीनों अधिकारियों को सचेत करते हुए निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के तहत लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की आख्याओं का परीक्षण कर अपनी टिप्पणी अंकित व हस्ताक्षर के बाद ही पोर्टल पर अपलोड की जाएं।
यह है मामला, चार राजस्व निरीक्षक को सचेत किया गया
कन्नौज। तिर्वा व नादेमऊ के राजस्व निरीक्षक अरुण तिवारी, उमर्दा व हसेरन के हरीशंकर, ठठिया व जनखत के यज्ञदत्त और खैरनगर व औसेर के राजस्व निरीक्षक विनोद पाल को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पत्र दिया है। कहा है कि 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की समीक्षा हुई।
तहसील तिर्वा में कुल 3378 संदर्भ प्राप्त हुए जिनमें 2015 प्रकरणों का वास्तविक समाधान पाया गया, जबकि 54 प्रकरणों में फील्ड स्तर पर सत्यापन की जरूरत मिली। 1261 संदर्भों का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा 48 प्रकरण जमीन से संबंधित नहीं पाए गए। अभियान में कुल 1315 संदर्भ पुनर्जीवित किए गए। यह हालत संतोषजनक नहीं है। सभी को सचेत कर कहा है कि बचे हुए प्रकरणों की कार्य योजना बनाकर 07 दिनों के अंदर निस्तारण आख्या संबंधित को उपलब्ध कराएं। किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
