Rampur News : सर्पदंश पीड़ित की इलाज के दौरान मौत, जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम न होने का आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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रामपुर में सर्पदंश के शिकार 30 वर्षीय युवक की मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध न होने का आरोप लगाते हुए जांच और मुआवजे की मांग की है।

रामपुर, अमृत विचार। रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के टीकटगंज निवासी 30 वर्षीय युवक की सर्पदंश के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में समय पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज में देरी हुई, जिससे युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

जिला अस्पताल से मेरठ किया गया था रेफर

परिजनों के मुताबिक, सर्पदंश के तुरंत बाद 30 वर्षीय योगेंद्र को जिला अस्पताल रामपुर लाया गया। आरोप है कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध न होने की बात कहकर चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू हुआ, लेकिन उपचार के दौरान 11 जुलाई 2026 को योगेंद्र की मौत हो गई।

परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

मृतक के पिता जगत सिंह का कहना है कि यदि जिला अस्पताल में समय पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होता और तत्काल उपचार शुरू हो जाता, तो संभव है उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इसे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

उन्होंने यह भी मांग की कि यह पता लगाया जाए कि घटना के समय जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध क्यों नहीं था। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुआवजे और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग

परिजनों ने राज्य सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

सीएमएस बोले- होगी जांच

मामले में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। हालांकि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बी.सी. सक्सेना ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा किया गया है। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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