कानपुर: व्यापारियों के विरोध के आगे झुका आवास विकास परिषद, धरने के बाद कारण बताओ नोटिस वापस लेने का आश्वासन

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Published By Muskan Dixit
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हंसपुरम में 100 से अधिक व्यापारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे, छोटे दुकानदारों के उत्पीड़न का लगाया आरोप; अधिकारियों ने बातचीत के बाद नोटिस वापस लेने की बात कही

कानपुर: हंसपुरम (नौबस्ता) स्थित आवास विकास परिषद कार्यालय के बाहर बुधवार को भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (कानपुर दक्षिण) के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 100 से अधिक व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के बाद परिषद के अधिकारियों ने व्यापारी नेता को जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का मौखिक आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान को लेकर जारी हुआ था नोटिस

जानकारी के अनुसार, हंसपुरम व्यापार मंडल के महामंत्री शिव प्रताप परिहार को आवास विकास परिषद के निर्माण खंड कानपुर-02 की ओर से धारा 82(1) के तहत नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उनके आवासीय भवन A-208, हंसपुरम में संचालित मोबाइल रिपेयरिंग की छोटी दुकान को कथित रूप से अवैध व्यावसायिक भू-परिवर्तन बताया गया था।

इस कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध करते हुए इसे छोटे कारोबारियों के उत्पीड़न और अफसरशाही का उदाहरण बताया।

कार्यालय का घेराव कर किया प्रदर्शन

बुधवार सुबह करीब 11 बजे नीरज शुक्ला, के.के. गुप्ता, पंकज तोमर और अनुज त्रिपाठी समेत व्यापारिक संगठनों के नेताओं की अगुवाई में बड़ी संख्या में व्यापारी आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय का घेराव किया और मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।

व्यापारियों ने उठाए कार्रवाई पर सवाल

धरने के दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि संबंधित मकान मृतक के पिता के नाम पर है, जबकि मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान उनके भाई के नाम से संचालित होती है। ऐसे में नोटिस जारी करना नियमों के अनुरूप नहीं है और व्यापारी को अनावश्यक रूप से परेशान करने की कोशिश है।

बातचीत के बाद अधिकारियों ने दिया आश्वासन

व्यापारियों के विरोध और बढ़ते हंगामे के बीच आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। व्यापारियों के पक्ष और नियमों का परीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही नोटिस वापस लेने का मौखिक आश्वासन दिया।

इसके बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया।

भविष्य में आंदोलन की चेतावनी

व्यापार मंडल के नेताओं ने अधिकारियों के फैसले का स्वागत किया, लेकिन चेतावनी भी दी कि यदि भविष्य में किसी छोटे व्यापारी के साथ इस तरह की कार्रवाई की गई, तो संगठन इससे भी बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।

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