मेरठ छात्रा हत्याकांड का बवाल, पहले अपील फिर लाठीचार्ज पर गर्मायी यूपी की राजनीति; जानिए क्या है पूरा मामला
मेरठ। मेरठ में बीए (BA) की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के बाद उपजा विवाद अब गहरा गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी और मृतका के बॉयफ्रेंड अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि अंकुश ने ललिता के फोन में कुछ ऐसी चैट देख ली थीं, जिससे उसे पता चला कि वह किसी अन्य लड़के के भी संपर्क में थी। इसी बात से नाराज होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
उग्र प्रदर्शन और सड़क जाम
मामले का खुलासा होने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने मेरठ कलेक्ट्रेट में जुटकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिससे पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
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इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार बातचीत करने और सड़क खाली करने की अपील की।
अधिकारियों की अपील बेअसर, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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जाम की सूचना मिलते ही एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसपी ट्रैफिक राकेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उनसे सड़क खाली कर यातायात सुचारू करने तथा अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट खोलने और अपनी अन्य मांगों पर अड़े रहे और सड़क से हटने से साफ इनकार कर दिया।
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स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए एसएसपी अविनाश पांडेय खुद कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क खाली न करने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस वैन में बैठाकर वहां से ले गई, जिसके बाद सड़क पर यातायात को दोबारा चालू कराया जा सका।
जनहित और लोकतंत्र पर उठे सवाल
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इस पूरी घटना के बाद अब स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब जिले के आला अधिकारी खुद संवाद के लिए तैयार थे, तो सड़क जाम कर हजारों निर्दोष और आम लोगों को बंधक बनाने तथा परेशान करने की क्या आवश्यकता थी?
क्या है पूरा मामला?
यूपी के मेरठ जिले के टीपी नगर में 20 वर्षीय बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस पूरे मामले का खुलासा किया है। मृतका ललिता गौतम टीपी नगर के गगन एंक्लेव की रहने वाली थी। वह 15 मई को अपने घर से कॉलेज की परीक्षा देने के लिए निकली थी। जब वह देर शाम तक वापस घर नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने ललिता की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थक-हारकर परिजनों ने 16 मई को थाना टीपी नगर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस की टीम ने घटना वाले दिन के रूट और गगन एंक्लेव के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। फुटेज में लापता ललिता कल्याणपुर गांव के रहने वाले अंकुश नाम के एक युवक के साथ दिखाई दी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकुश को हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश हो सका।
क्यो गहराया विवाद
छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर एक बड़ी दलित महापंचायत बुलाई गई। इस प्रदर्शन में कई राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। देखते ही देखते आसपास के कई अन्य जिलों से भी भारी संख्या में लोग वहां पहुंच गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूरा वाकया
महापंचायत में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती देख सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। मुख्य गेट बंद होने से नाराज प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर धरना शुरू होने की वजह से वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा यातायात ठप हो गया।
छात्रा हत्याकांड पर गरमाई सियासत
छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अब यूपी में कड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर सूबे की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस ने यूपी सरकार को घेरा
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मेरठ में महिला ललिता गौतम की हत्या और उसके बाद प्रदर्शन कर रहे परिजनों व समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर गुरुवार को एक पोस्ट शेयर करते उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। श्री राय ने कहा कि ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है, लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल सका है।
उनका आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग कर रहे परिजनों और समर्थकों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा पुलिस वैन के भीतर महिलाओं और युवाओं के साथ कथित मारपीट बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे दावों की इस घटना ने पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार से परिवार को तत्काल सुरक्षा, निष्पक्ष न्याय तथा मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। श्री राय ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।
