UP News: मानसिक दिव्यांगों को बड़ी राहत, भरण-पोषण अनुदान ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 होगा; सीएम योगी ने दिए अहम निर्देश

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Published By Muskan Dixit
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में सहायक उपकरण शिविर, दिव्यांग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर दिया जोर।

लखनऊ, अमृत विचार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत देते हुए आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण की अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इन संवासियों को पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं। पात्र लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था कर यह सुनिश्चित किया जाए कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि दिव्यांग पेंशन, सहायक उपकरण, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, विवाह प्रोत्साहन, कॉक्लियर इम्प्लांट और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

12.23 लाख दिव्यांगों को मिली पेंशन

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए। वहीं 34,420 लाभार्थियों को 43,689 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 335 बच्चों की पहचान की जा चुकी है।

विशेष विद्यालय और डे-केयर सेंटर बढ़े

सरकार ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 10 बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 25 हो गई है और 28 अन्य जिलों में नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी तरह विशेष विद्यालयों की संख्या 16 से बढ़कर 28 हो गई है, जहां दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।ट

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