Sonu Nigam Birthday: सुरीली आवाज के जादूगर सोनू निगम का संघर्ष से स्टारडम तक का सफर

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Edited By Anjali Singh
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संघर्ष के बाद बने बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गायकों में शामिल

सोनू निगम जन्मदिन: जानिए मशहूर गायक सोनू निगम के जीवन, संघर्ष, सुपरहिट गानों और संगीत सफर की कहानी। तीन साल की उम्र से शुरू हुआ था उनका गायकी का सफर

मुंबई। अपनी मधुर आवाज और शानदार गायकी से संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाने वाले मशहूर गायक सोनू निगम आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। सोनू निगम ने अपनी आवाज के दम पर बॉलीवुड संगीत को नई पहचान दी है।

बचपन से ही संगीत से जुड़ा रहा रिश्ता

सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था। उनके माता-पिता भी गायक थे, इसलिए बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की ओर रहा। महज तीन साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता के साथ स्टेज कार्यक्रमों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। गायकी को करियर बनाने के सपने के साथ वह 19 साल की उम्र में मुंबई आ गए।

मुंबई में किया लंबा संघर्ष

मुंबई पहुंचने के बाद सोनू निगम को शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने स्टेज शो में मोहम्मद रफी के गाने गाकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। इसी दौरान टी-सीरीज ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनका एल्बम 'रफी की यादें' जारी किया। इसके बाद उन्हें फिल्मी दुनिया में आगे बढ़ने का मौका मिला।

'सारेगामा' से मिली घर-घर पहचान

सोनू निगम के करियर में साल 1995 बेहद खास रहा। उन्हें लोकप्रिय संगीत कार्यक्रम 'सारेगामा' को होस्ट करने का मौका मिला, जिससे वह देशभर में पहचाने जाने लगे। इसके बाद फिल्म 'बेवफा सनम' के गाने 'अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का' ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।

इन गानों ने बनाया खास मुकाम

सोनू निगम ने कई सुपरहिट फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी। उनके लोकप्रिय गानों में संदेशे आते हैं (फिल्म- बॉर्डर), ये दिल दीवाना (फिल्म- परदेस), साथिया (फिल्म- साथिया), कल हो ना हो (फिल्म- कल हो ना हो) शामिल हैं। उनकी आवाज ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे सफल पार्श्व गायकों में शामिल कर दिया।

फिल्मफेयर और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

सोनू निगम को कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें फिल्म 'साथिया' के गीत के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। वहीं फिल्म 'कल हो ना हो' के टाइटल सॉन्ग के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार के साथ राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। उन्होंने हिंदी के अलावा उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, बंगाली, पंजाबी, मराठी, तेलुगु, भोजपुरी, कन्नड़, उड़िया और नेपाली भाषाओं में भी गाने गाए हैं।

गायकी के साथ अभिनय और सामाजिक कार्य

सोनू निगम ने गायकी के अलावा अभिनय में भी हाथ आजमाया। उन्होंने 'जानी दुश्मन: एक अनोखी प्रेम कहानी', 'लव इन नेपाल' और 'काश आप हमारे होते' जैसी फिल्मों में काम किया। वह सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं और कैंसर मरीजों, कुष्ठ रोगियों और दृष्टिहीन लोगों की मदद करने वाली संस्थाओं के साथ काम करते रहे हैं। अपनी सुरीली आवाज, मेहनत और अलग अंदाज के कारण सोनू निगम आज भी संगीत जगत के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में शामिल हैं।

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