Varanasi Flood : गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों पर आवाजाही बाधित; 33 गांवों पर बाढ़ का खतरा

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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सावन में श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ीं, नाव संचालन प्रभावित

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है। नाव संचालन भी बंद हो रहा है। फर्रुखाबाद में 33 गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा है।

वाराणसी। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से वाराणसी में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। कई घाटों के बीच आवाजाही बाधित हो गई है। इसका असर श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर भी पड़ा है। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए हैं।

जलस्तर बढ़ने से रुद्राभिषेक और पूजा में परेशानी

सावन के महीने में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में पंडित विवेकानंद पांडे ने बताया कि पहले जलस्तर कम होने पर मंदिरों में रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना आसानी से हो जाती थी, लेकिन अब पानी बढ़ने के कारण कई जगहों पर पूजा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि घाटों के बीच आने-जाने का रास्ता बाधित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रास्ते में पड़ने वाले छोटे शिवलिंगों पर ही पूजा-अर्चना करनी पड़ सकती है।

हर घंटे ऊपर करनी पड़ रही चौकियां

पंडित विवेकानंद पांडे के मुताबिक गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि हर घंटे चौकियों को ऊंचे स्थान पर ले जाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक दिन में करीब 20 से 25 फीट तक पानी बढ़ चुका है।बढ़ते जलस्तर का असर नाव संचालन पर भी पड़ा है। नाविकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नावों का संचालन धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है, जबकि गंगा के दूसरे किनारे नाव संचालन पूरी तरह बंद होने की बात कही जा रही है।

फर्रुखाबाद में भी बाढ़ से बिगड़े हालात

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर फर्रुखाबाद में भी दिखाई दे रहा है। यहां कई गांवों में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत सामग्री लेकर घर लौट रहे तौसीम ने बताया कि कई सड़कें पानी में डूब गई हैं। वहीं, एक ग्रामीण ने बताया कि गांवों में पानी भर गया है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जलस्तर और कितना बढ़ेगा। आसपास के इलाकों में कटान की समस्या भी बढ़ गई है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद आवागमन के साधन मिल पा रहे हैं।

33 गांवों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा

जिलाधिकारी अंकुर लाठर के मुताबिक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। इससे जिले के 33 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एक गांव में पानी प्रवेश कर चुका है। प्रशासन ने प्रभावित गांव के करीब 300 लोगों को शरणालय/राहत शिविर में पहुंचाया है। शरणालय में लोगों के साथ पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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