जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर कानपुर में सुरक्षा अलर्ट, अधिकारियों ने किया रूट का निरीक्षण
26 अगस्त को परेड ग्राउंड से निकलेगा जुलूस, लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना; CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी, जरूरत वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग व ट्रैफिक डायवर्जन
कानपुर: पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर आगामी 26 अगस्त को कानपुर के परेड ग्राउंड से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को अधिकारियों और पुलिस बल ने जुलूस के प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की हुई समीक्षा
शहर जमीयत उलमा के प्रमुख मौलाना अब्दुल्ला ओसामा कासमी की टीम ने अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था के निर्देशन में सेंट्रल जोन के विभिन्न सर्किलों के पुलिस बल, यातायात पुलिस और संबंधित अधिकारियों के साथ जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया।
इस दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। नगर निगम सहित संबंधित विभागों की ओर से किए जाने वाले कार्यों और पुलिस की सुरक्षा तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी
जुलूस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग पर पहले से लगे CCTV कैमरों की दिशा और कवरेज को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थानों और जुलूस के मार्ग पर ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखने की तैयारी है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी रहे।
जरूरत वाले स्थानों पर होगी बैरिकेडिंग
जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यकता के अनुसार प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य जुलूस को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के साथ आम लोगों के आवागमन को भी सुचारू बनाए रखना है।
पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से जुलूस से पहले व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
यह भी पढ़ेंः जंतर-मंतर पर ‘Reservation Hatao Andolan’ से गरमाई बहस, आरक्षण व्यवस्था पर उठे ये 6 बड़े सवाल
