बाढ़ राहत में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल पहुंचाएं राहत सामग्री

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Edited By Virendra Pandey
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उप मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में बाढ़ आपदा की समीक्षा की, अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज/लखनऊ, अमृत विचार : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने और प्रभावित लोगों तक समय से सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा के दौरान लापरवाही अथवा शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री, प्रयागराज में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बाढ़ और आपदा की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अधिकारियों की लापरवाही या समय से कार्रवाई नहीं होने के कारण जलभराव और लोगों को परेशानी हुई है, वहां जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाए। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का उद्देश्य वर्तमान संकट से निपटने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकना भी है।

बार-बार जलभराव वाले स्थानों का स्थायी समाधान

केशव मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बार-बार जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था की जाए। नालों, सीवर लाइनों और जल निकासी मार्गों की नियमित सफाई कराई जाए। अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करें और समस्या सामने आते ही उसका समाधान कराएं।

राहत शिविरों में मेडिकल कैंप और जरूरी सुविधाएं

उप मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में मेडिकल कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए। शिविरों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, शौचालय, बिजली और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

हर प्रभावित परिवार तक पहुंचे राहत सामग्री

केशव प्रसाद मौर्य ने राहत सामग्री वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित हर परिवार तक भोजन, राशन, पेयजल, कपड़े, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री समय से पहुंचनी चाहिए। राहत वितरण में किसी तरह की अनियमितता या भेदभाव नहीं होना चाहिए। कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।

एसडीआरएफ और जल पुलिस को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य राहत दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया। अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहकर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सभी विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने राजस्व, स्वास्थ्य, नगर निकाय, ग्राम्य विकास, पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ समेत सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय की कमी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करे।

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